साहित्य

हास्य-व्यंग्य : चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से (नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान)

तुरी चाचा ने 75वें स्वतंत्रता दिवस की चर्चा करते हुए कहा- बताव देस का आजाद भये पिचहतर साल होय गये। मुला, देस केरे नेतन का सदन चलाऊब न आवा। सगरे नेता सदन मा कुत्ता-बिल्लिन तिना जूझत हयँ। लोकसभा अउ राज्यसभा मा खाली हंगामा होत हय। जनता केरी कौनिव बाति नाय होत। विपक्षी नेता अबसिला सदन चलय नाइ दिहिन। राज्यसभा मा तौ सदन केरी गरिमा तार-तार होय गयी। जनता केरी गाढ़ी कमाई क करोड़न रुपया बर्बाद होय गवा। मानसून सत्र पानी मा बहय गवा। नेतन क बसि चुनाव अउ कुर्सी देखाय परत हय। आमजन ते कौनव मतलब नाहीं। घुमि फिरि कय जाति/धर्म केरा मुद्दा गरमावा जात हय। भगवान जाने हमरे नेतन क राजनीति करब कब आई।
चतुरी चाचा आज देशभक्ति में डूबे थे। प्रपंच चबूतरे पर उनके साथ ककुवा, कासिम चचा, मुंशीजी व बड़के दद्दा विराजमान थे। चबूतरे के सामने गांव के बाल-गोपाल हाथ में तिरंगा लिए पंक्तिबद्ध बैठे थे। वहीं पर बड़को व नदियारा भौजी भी बैठी थीं। मेरे पहुंचते ही झंडारोहण की व्यवस्था शुरू हो गई। चतुरी चाचा ने बड़ी शान से तिरंगा फहराया। सभी लोगों ने बड़े जोश के साथ राष्ट्रगान गाया। उसके बाद मिष्ठान वितरण हुआ। चतुरी चाचा ने सभी बच्चों को पूरे गाँव में तिरंगा रैली निकालने भेज दिया। बड़को अपनी बहू नदियारा के साथ अपने खेतों की तरफ चली गईं। फिर चतुरी चाचा ने प्रपंच शुरू करते हुए नेताओं पर तंज कसा। उन्होंने मानसून सत्र में रोज हंगामा होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
मुंशीजी ने चतुरी चाचा की बात का समर्थन करते हुए कहा- कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर सदन नहीं चलने दिया। विपक्षी नेता पेगासस जासूसी कांड और किसान आंदोलन की आड़ लेकर सदन के भीतर एवं बाहर हंगामा करते रहे। हालांकि, मोदी सरकार ने दोनों सदनों से ओबीसी आरक्षण से जुड़े संशोधन बिल को पास करवा लिया। अब राज्य सरकारों को यह अधिकार मिल गया है कि वे पिछड़ी जाति आरक्षण की सूची में अन्य जातियों को भी जोड़ सकेंगी।
बड़के दद्दा ने इसी में अपनी बात जोड़ते हुए कहा- विपक्ष पूर्व नियोजित रणनीति के तहत मानसून सत्र में सदन के अंदर और बाहर खूब हंगामा किया है। वैसे, विपक्षियों ने राज्यसभा में जो किया है, वह अक्षम्य है। टिवटर ने रही-सही कसर पूरी कर दी। टिवटर ने बलात्कार पीड़ित बालिका के परिवार की फोटो डालने पर राहुल गांधी सहित तमाम कांग्रेसी नेताओं के टिवटर एकाउंट लॉक कर दिए। कांग्रेस इसे भी मोदी सरकार की चाल बताकर हंगामा कर रही है। कुलमिलाकर उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के आसन्न विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं। लेकिन, वह सब जनता के मुद्दों से अभी भी अनजान हैं। विपक्षियों के पास भाजपा से लड़ने का कोई रोड मैप नहीं है। उन्हें यह कौन समझाए कि सदन और सड़क पर तूतू-मैंमैं से बात नहीं बन सकेगी।
इसी बीच चंदू बिटिया गेंहू-चने की घुघरी और कुल्हड़ वाली स्पेशल चाय लेकर आ गयी। जलपान के बाद ककुवा ने टोक्यो ओलंपिक की चर्चा शुरू कर दी। “पढ़िहौ लिखिहौ होयहौ खराब, खेलिहौ कूदिहौ बनिहौ नवाब।” यह पंक्तियां गाने के बाद ककुवा ने कहा- हमरे अवध मा यह बाति सैकरन साल ते कही जाय रही हय। पहिले लरिकन-बिटियन का खूब खेलाय का मिलत रहय। बीच मा सबके पढ़ाई क भूत सवार होइगा। महतारी-बाप अपने लरिका-बिटियन पय कसनी कय दिहिन। सगरे लरिका-बिटिया खेलन ते दूरि होइगे। अब नीरज चोपड़ा अउ दूसरे खिलाड़िन पय धन बरसता देख लोग अचंभित हयँ। नीरजवा ओलंपिक मा भाला फेंकिस। वहिका स्वर्ण पदक मिला। नीरज रातोंरात 135 करोड़ भारतीयन का लाडला होय गवा। कम ते कम वहिका 20 करोड़ नकद केरा इनाम मिलि चुका। दुई दिन मा करोड़ों नकद इनाम क साथे महंगी गाड़ी, हवाई यात्रा अउ अन्य कयू तरह क इनाम मिलि चुके हयँ। इहिते अब फिरि लोगन का लागत हय कि खेल ते उनके लरिका-बिटिया बहुतै नाम अउ दाम कमाय सकत हयँ।
कासिम चचा ने ककुवा की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- इस बार भारत ने ओलम्पिक खेलों में स्वर्ण सहित सात पदक जीते हैं। कुछ खिलाड़ी अंतिम समय में चूक गए थे। वरना, भारत की झोली में और अधिक पदक होते। पुरुष हॉकी टीम ने जहां पदक जीता, वहीं महिला हॉकी टीम शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल में पहुँची। कुश्ती, मुक्केबाजी, भारत्तोलन व बैडमिंटन में भारत ने अपना लोहा मनवाया। ओलंपिक विजेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के निरन्तर उत्साहवर्धन से उनकी जीत पक्की हुई। मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो खिलाड़ियों से लगातार वीडियो कॉल पर बात करते रहे। देश में पहली बार 15 अगस्त के मौके पर विजेता खिलाड़ियों को लालकिले पर आमंत्रित किया गया। बहरहाल, सरकारों को अभी खेल जगत के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है।
चतुरी चाचा ने विषय परिवर्तन करते हुए कहा- एक तरफ भारत में आतंकवादी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है। दूसरी तरफ तालिबान जैसा खूंखार आतंकी संगठन अफगानिस्तान पर फिर से काबिज हो रहा है। यह बड़ी चिंता का विषय है। दुनिया के बड़े ताकतवर देश असहाय नजर आ रहे हैं। शक्तिशाली देश तालिबान से दो-दो हाथ करने के बजाय अपने नागरिकों को अफगानिस्तान से निकालने की जुगत में लगे हैं। पाकिस्तान व चीन पहले से ही भारत की शांति में खलल डाल रहे हैं। अब तीसरे पड़ोसी देश अफगानिस्तान में तालिबान के आने से भारत को दिक्कत होगी। आतंकवाद से समूचे विश्व को एकजुट होकर लड़ना चाहिए। तभी दुनिया में अमन-चैन कायम रह सकेगा।
अंत में हमने सबको कोरोना अपडेट देते हुए बताया- विश्व में अबतक 20 करोड़ 70 लाख से अधिक लोग कोरोना पीड़ित हो चुके हैं। इनमें से 43 लाख 60 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह भारत में अबतक तीन करोड़ 21 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से चार लाख 30 हजार से अधिक लोगों को बचाया नहीं जा सका। भारत सहित विश्व के अन्य देशों में कोरोना का डेल्टा प्लस वैरियंट भी घातक सिद्ध हो रहा है। कोरोना महामारी से मुक्ति तभी मिलेगी, जब पूरी आबादी का टीकाकरण हो जाएगा। समूचे विश्व में वैक्सीन लगाने का कार्य हो रहा है। परन्तु, कुछ देशों को छोड़कर अन्य सभी देशों में मांग के अनुरूप टीके उपलब्ध ही नहीं हो पा रहे हैं। हमें कोरोना से बचने के लिए मॉस्क और दो गज की दूरी का पालन अवश्य करना चाहिए।
इसी के साथ आज का प्रपंच समाप्त हो गया। मैं अगले रविवार को चतुरी चाचा के चबूतरे पर होने वाली बेबाक बतकही लेकर फिर हाजिर रहूँगा। तबतक के लिए पँचव राम-राम!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *