
विशेष अतिथि के रूप में स्पिक मैके, दरभंगा के चेयरपर्सन डॉ. सुनील मिश्रा ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपराओं और उनकी सांस्कृतिक महत्ता पर रखे अपने विचार
दरभंगा। नृत्यार्पण कलाश्रम के तत्वावधान में आज पांच दिवसीय कथक कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला का उद्घाटन प्रख्यात कथक नृत्यांगना विदुषी दुर्गा आर्या जी के सान्निध्य में हुआ। उद्घाटन समारोह में नगर के अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि होटल एवरा, दरभंगा के संस्थापक उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में स्पिक मैके, दरभंगा के चेयरपर्सन डॉ. सुनील मिश्रा ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपराओं और उनकी सांस्कृतिक महत्ता पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में मदन राय (पीटीआई स्पोर्ट्स), मनोज कुमार झा (अखिल भारतीय हिंदू जागरण सेवा समिति), साहित्यकार हीरालाल साहनी, लाल जी तथा नृत्यार्पण कलाश्रम के संस्थापक एवं निदेशक रूपेश कुमार गुप्ता एवं अनीता गुप्ता की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने कथक नृत्य की परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर पर अपने विचार साझा किए।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा, “कथा कहे सो कथक कहावे” – अर्थात कथक केवल नृत्य नहीं, बल्कि कथा और भावों की अभिव्यक्ति है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की ओर प्रेरित करती हैं और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती हैं।
उद्घाटन दिवस का यह समारोह सफल और प्रेरणादायी रहा तथा आने वाले दिनों में कार्यशाला के अंतर्गत विद्यार्थियों को कथक की विविध बारीकियों से अवगत कराया जाएगा।
