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दरभंगा के ‘गांधी’ कमलेश्वरी चरण सिन्हा की 134वीं जयंती पर पुस्तक लोकार्पण एवं विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

दरभंगा में आजादी के आंदोलन के दौरान सीमांत गांधी के कार्यक्रम के आयोजन में कमलेश्वरी बाबू की थी अहम भूमिका : डॉ. मुश्ताक अहमद

कमलेश्वरी चरण सिन्हा जी के कर्मठ मन ने समाज को दी एक नई दिशा : अजित कुमार वर्मा

 

दरभंगा (सुनील कुमार मिश्रा)। स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश्वरी चरण सिन्हा की 134वीं जयंती के अवसर पर ‘कमलेश्वरी चरण सिन्हा– एक गुमनाम सामाजिक कार्यकर्ता और स्वतंत्रता सेनानी’ पुस्तक का लोकार्पण सह विचार गोष्ठी का आयोजन चंद्रधारी मिथिला महाविद्यालय के सभागार में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। कार्यक्रम में आगत अतिथियों का स्वागत अपने सम्बोधन से हिंदी समाहार मंच के अध्यक्ष अखिलेश कुमार चौधरी ने किया, जबकि पुस्तक के संपादक सह लेखक सुशांत कुमार ने बताया कि शोध यात्रा के दौरान उन्हें कमलेश्वरी बाबू के अद्वितीय व्यक्तित्व को नज़दीक से जानने का अवसर मिला, जिसे इस किताब के रूप में संकलित किया गया है।

चंद्रधारी मिथिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मुश्ताक अहमद ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारत की आज़ादी की लड़ाई में स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान अविस्मरणीय है। आज जब ‘वोकल फॉर लोकल’ का दौर है, तब इन महान विभूतियों को याद करना और भी ज़रूरी है। उन्होंने यह भी स्मरण दिलाया कि दरभंगा में आजादी आंदोलन के दौरान सीमांत गांधी के कार्यक्रम के आयोजन में कमलेश्वरी बाबू की अहम भूमिका थी।

इस अवसर पर किताब के संपादक अरुण कुमार ने बताया कि वह राज हाई स्कूल के छात्र थे और संयुक्त परिवार को मज़बूत बनाने में उनका योगदान रहा है। डॉ. धर्मेंद्र कुमर ने कहा कि दरभंगा में नेशनल स्कूल की स्थापना में उनकी निर्णायक भूमिका थी, जो उस समय स्वतंत्रता सेनानियों का तीर्थस्थल माना जाता था।

हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्रो. अजित कुमार वर्मा ने कहा कि किसी की पहचान उसकी बोली से नहीं, बल्कि उसके कर्मठ मन से होती है। कमलेश्वरी चरण सिन्हा जी के कर्मठ मन ने समाज को एक नई दिशा दी।

धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अमरेश्वरी चरण सिन्हा ने कहा कि कमलेश्वरी बाबू ने अपने कृत्यों से लोगों में जनजागरण पैदा किया, जिसे सबको अपने जीवन मे उतारना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन अमिताभ कुमार सिन्हा कर रहे थे।

One Reply to “दरभंगा के ‘गांधी’ कमलेश्वरी चरण सिन्हा की 134वीं जयंती पर पुस्तक लोकार्पण एवं विचार गोष्ठी का हुआ आयोजन

  1. डॉक्टर सुशांत भास्कर को इस शोध ग्रंथ के लिए ढेर सारा मुबारकबाद

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