डेस्क :नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को लोकसभा को बताया कि इस साल नियामक और भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण एयरलाइनों ने 2,458 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित कीं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक लिखित उत्तर में कहा कि देरी और रद्दीकरण के कारण एयरलाइनों को अतिरिक्त ईंधन, चालक दल का ओवरटाइम, रखरखाव, हवाई अड्डा शुल्क और पुनः बुकिंग खर्च सहित लागत उठानी पड़ती है। एयरलाइनों को रद्दीकरण या महत्वपूर्ण देरी के लिए यात्रियों को धनवापसी या मुआवजा देना आवश्यक है
