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अहमदाबाद प्लेन क्रैश : ब्रिटिश परिवारों को नहीं मिले अपनों के शव, गलत डेडबॉडी पहुंचीं, परिजनों से नहीं मिल रहा DNA

डेस्क : एयर इंडिया विमान हादसे के बाद ब्रिटेन में रह रहे दो परिवारों को जो शव सौंपे गए, वे उनके अपने परिजनों के नहीं थे. यह चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब लंदन में शवों की पहचान के लिए DNA जांच की गई और सच्चाई सामने आई. अहमदाबाद में क्रैश हुए एयर इंडिया विमान में मारे गए ब्रिटेन दो लोगों के परिवारों ने दावा किया है कि उन्हें जो गलत शव सौंपे गए हैं. उनके वकील जेम्स हीली के मुताबिक, दो शवों का DNA परिवार से मेल नहीं खा रहा.

सूत्रों के अनुसार, शव अहमदाबाद के एक सरकारी अस्पताल से DNA नमूने लेकर सीलबंद ताबूतों में भेजे गए थे. एयर इंडिया का इसमें सिर्फ सहयोगात्मक भूमिका थी. लेकिन पहचान की प्रक्रिया में गलती हो गई और गलत शव भेज दिए गए.

वकील के मुताबिक इसका खुलासा तब हुआ जब लंदन में कोरोनर यानी हादसे में मारे गए लोगों की जांच करने वाले अधिकारी ने मृतकों के अवशेषों का डीएनए मैच करके पहचान को वैरिफाई करने की कोशिश की. वकील का कहना है कि गलत अवशेष मिलने से परिवार बेहद परेशान हैं.

एक परिवार को जब लंदन के कोरोनर ने बताया कि ताबूत में किसी अज्ञात व्यक्ति का शव है, तो उन्होंने अंतिम संस्कार रोक दिया. वहीं, एक अन्य परिवार को एक ही ताबूत में दो यात्रियों के अवशेष मिले, जिन्हें अलग कर अंतिम संस्कार करना पड़ा.

ब्रिटिश परिवारों की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे वकील जेम्स हीली-प्रैट ने कहा, “कुछ परिवारों को गलत शव मिले हैं, यह बेहद दुखद और अस्वीकार्य है. इन लोगों को अपने प्रियजनों के बारे में सच्चाई जानने का हक है.”

ब्लैकबर्न निवासी अल्ताफ ताजु ने इस हादसे में अपने माता-पिता और जीजा को खो दिया. वे कहते हैं, “हमें सिर्फ एक ID नंबर और एक कागज मिला, किसी ने अवशेष नहीं दिखाए.” हालांकि, उन्हें इस बात से थोड़ी राहत है कि उनके परिजन भारत में जल्दी दफना दिए गए, जिससे वे इस भ्रम से बच गए.

यह हादसा 12 जून को अहमदाबाद के पास हुआ, जब एयर इंडिया की AI 171 फ्लाइट मेडिकल स्टूडेंट्स के हॉस्टल पर गिर गई. कुल 260 लोग मारे गए थे, जिनमें 53 ब्रिटिश नागरिक थे. शवों की पहचान अहमदाबाद सिविल अस्पताल ने की, लेकिन अब यह सवाल उठ रहा है कि प्रक्रिया में इतनी गंभीर चूक कैसे हुई.

सरकारी सूत्रों के अनुसार, अस्पताल ने सीलबंद ताबूत परिजनों को सौंपे थे और एयर इंडिया ने केवल ट्रांसफर में मदद की. अब वकील और परिजन मांग कर रहे हैं कि पूरे शव पहचान प्रक्रिया की जांच हो और यह स्पष्ट हो कि गलती कहां हुई.

 

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