दरभंगा प्रादेशिक बिहार मुजफ्फरपुर स्थानीय

दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर में 30 जून तक तैयार होगा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

 

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने दरभंगा सांसद एवं निर्माण एजेंसी ‘हाइट्स’ के पदाधिकारियों के साथ की बैठक, दरभंगा एम्स 750 बेड का होगा

अस्पताल के कार्य को 30 जून तक पूरा करने का दिया निर्देश

दरभंगा : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने दरभंगा एम्स और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर के निर्माण कार्यों से संबंधित समीक्षा बैठक नई दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में की। वह अभी तक की कार्य प्रगति से अवगत हुए। बैठक में दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर उपस्थित थे।

दरभंगा एम्स निर्माण संबंधित प्रगति से हुए अवगत

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री दरभंगा एम्स निर्माण संबंधित प्रगति से अवगत हुए। इसे लेकर प्राइमरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो चुका है। दरभंगा एम्स 750 बेड का होगा। इसपर 1361 करोड़ रुपए खर्च अनुमानित है। सभी आधुनिक सुविधाओं से यह लैस होगा। इस एम्स को लेकर लोगों में खासी उत्सुकता है। इसके शुरू हो जाने से उत्तर बिहार की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। इसे लेकर लंबे समय से केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे एवं दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर लगातार प्रयासरत रहे हैं।

30 जून तक दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को पूरा करने का दिया निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री  ने बैठक में निर्माण एजेंसी हाइट्स के पदाधिकारी को 30 जून तक दरभंगा एवं मुजफ्फरपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को तैयार करने का निर्देश दिया है। इन दोनों अस्पतालों मैं ओपीडी की व्यवस्था मई तक शुरू करने का निर्देश दिया गया था लेकिन कोविड-19 की वजह से इसमें विलंब हुआ है। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रतिदिन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की कार्य प्रगति से अवगत कराया जाएगा। इसमें किसी तरह की ढिलाई न हो। गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना होगा। कुछ माह पूर्व दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण कार्यों का जायजा लिया था। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बेहतर हो, इसकी उन्होंने सख्त हिदायत निर्माण कार्य करा रहे कंपनी के स्थानीय प्रतिनिधियों को दी थी। गुणवत्ता उच्च कोटि की हो, इसका विशेष ख्याल रखने का निर्देश दिया गया है। सभी तैयारियों को मूर्त रूप तय समय में करने को कहा गया। ताकि आउटडोर खासकर कार्डिक एवं न्यूरो की ओपीडी शुरू हो सके। इसका लाभ लोगों को मिलने लगे। गौरतलब है कि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री  ने दोनों शहरों के सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल का कुछ माह पूर्व औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने मौके पर ही कार्यों की समीक्षा की थी। निर्माण कार्यों की धीमी गति को लेकर औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने असंतोष भी जाहिर किया था। इसके उपरांत सभी संबंधित विभागों की बैठक मंत्रालय में बुलाई गई थी।

आज की बैठक में प्रतिदिन कार्य समीक्षा करने को कहा गया है, ताकि जुलाई प्रथम सप्ताह से जनता के लिए यहां स्वास्थ्य सुविधाएं  शुरू हो जाएं। दरभंगा एम्स का शिलान्यास एवं सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कराने के लिए उनसे अनुरोध करने पर भी चर्चा की गई।

केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर सभी सुविधाएं कराएं उपलब्ध

बैठक में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में सभी सुविधाएं उपलब्ध हो इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारी परस्पर समन्वय स्थापित कर सभी कार्यों को मूर्त रूप देने पर भी चर्चा हुई। ताकि सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर ओपीडी सहित अन्य सुविधाएं शुरू होने में किसी तरह की भी परेशानी नहीं हो। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने बताया कि केंद्र सरकार जनता को बेहतर, आधुनिक एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाओं देने के लिए कटिबद्ध है। बिहार में दूसरे एम्स के साथ कई शहरों में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का निर्माण हो रहा है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। अतिरिक्त एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में तब्दील किया जा रहा है। जो 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया है उसमें स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत बनाने की व्यवस्था की गई है। हर जिले में महामारी से निपटने के लिए अस्पताल होगा। आधुनिक प्रयोगशाला की भी व्यवस्था प्रखंड स्तर पर तैयार की जाएगी।
बैठक में उपस्थित दरभंगा सांसद श्री गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि उत्तर बिहार के प्रमुख शहरों में दरभंगा शामिल है। यहां एम्स एवं सुपर स्पेशलिटी अस्पताल हो जाने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पटना एवं अन्य शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। मौजूदा समय में गंभीर बीमारियों के लिए उत्तर बिहार के लोगों को दूसरे शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। यहां पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं होने से इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर रुख करने की संख्या में निश्चित ही काफी कमी आएगी। साथ ही सांसद श्री ठाकुर ने हाइट्स के पदाधिकारी से कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने बताया कि ओपीडी सेवा सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल में शुरू हो सके इसके लिए डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति वहाँ कर दी गई है। कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में जानकारी के अनुसार डॉ ज्योति करण , डॉ प्रवीण कुमार झा, कार्डिक सर्जरी में डॉक्टर संतोष कुमार , न्यूरोलॉजी डॉक्टर एसके झा , डॉ अभय रंजन , न्यूरो सर्जरी में डॉक्टर नसीब इकबाल कमाल , डॉ राजीव रंजन की प्रतिनियुक्ति जैसा मुझे जानकारी मिली है कर दी गई है। जून में सुपर स्पेशलिस्ट का कार्य पूरा होते ही जुलाई के प्रथम सप्ताह से यह दोनों डिपार्टमेंट में ओपीडी की सेवा शुरू हो जाएगी।

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