डेस्क: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का सोने के आभूषणों और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के लिए दिया गया कर्ज सितंबर में सालाना आधार पर 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। आंकड़ों के अनुसार, एनबीएफसी का सोने के आभूषणों के बदले दिया गया बकाया कर्ज सितंबर 2026 में 66.1 प्रतिशत बढ़कर 3.74 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले इसी महीने में 2.25 लाख करोड़ रुपए था।
इसी तरह, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के लिए एनबीएफसी का कर्ज 54.4 प्रतिशत बढ़कर 77,896 करोड़ रुपए हो गया, जो सितंबर 2025 में 50,411 करोड़ रुपए था। आंकड़ों के मुताबिक, एनबीएफसी का कुल कर्ज सितंबर 2026 में 15.4 प्रतिशत बढ़कर 61.69 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 53.46 लाख करोड़ रुपए था।
कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए कर्ज में सितंबर 2026 में 17.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले यह वृद्धि 5.2 प्रतिशत थी। उद्योग क्षेत्र को दिए जाने वाले कर्ज की वृद्धि दर सितंबर 2026 में घटकर 7.4 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले इसी महीने में 10.2 प्रतिशत थी। बुनियादी ढांचा क्षेत्र को दिए जाने वाले कर्ज की वृद्धि भी सुस्त बनी रही। सेवा क्षेत्र में कर्ज की वृद्धि दर सितंबर 2026 में घटकर 17.3 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले 23 प्रतिशत थी। हालांकि, वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र को दिए जाने वाले कर्ज में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। व्यापार और परिवहन परिचालकों को दिए जाने वाले कर्ज की वृद्धि भी अधिक रही।


