डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शुक्रवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। इसके साथ ही उनके 12 साल लंबे टेस्ट करियर का अंत हो गया। शमी ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट हासिल किए। छत्तीस वर्षीय शमी लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे थे। वह 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम में जगह नहीं बना सके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा कर अपने संन्यास की जानकारी दी। उन्होंने हालांकि स्पष्ट किया कि वह वनडे और टी-20 जैसे सीमित ओवरों के प्रारूप में खेलना जारी रखेंगे।
अपने भावुक संदेश में शमी ने कहा, ”मैं सफेद जर्सी को अलविदा कह रहा हूं, लेकिन उससे जुड़ी यादों को कभी नहीं छोड़ सकता। जब मैंने पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब मेरे मन में सिर्फ एक सपना था- अपने देश के लिए कुछ कर दिखाना। इसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया।”
उन्होंने कहा, ”टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक प्रारूप नहीं, बल्कि मेरी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा है। आज भारी मन और अनगिनत खूबसूरत यादों के साथ मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर रहा हूं।” शमी ने छह नवंबर 2013 को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने टेस्ट करियर में उन्होंने 27.71 की औसत से 229 विकेट लिए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट हासिल किए। नई और पुरानी दोनों गेंदों से सीम और स्विंग हासिल करने की क्षमता ने उन्हें भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बनाया। विभिन्न परिस्थितियों और विदेशी पिचों पर भी उन्होंने अपनी गेंदबाजी से खास पहचान बनाई। शमी ने दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और भारत में खेले गए 35 टेस्ट मैचों में 131 विकेट हासिल किए। इन मुकाबलों में उनका गेंदबाजी औसत 25 से कम रहा।
दक्षिण अफ्रीका में उनका प्रदर्शन खास तौर पर यादगार रहा। 2018 में भारतीय टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जोहानिसबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में शमी ने 28 रन देकर पांच विकेट झटके थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत भारत को टेस्ट शृंखला में सांत्वना जीत हासिल हुई थी। इसके बाद भारत के अगले दक्षिण अफ्रीका दौरे पर सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भी शमी ने आठ विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का दम दिखाया।
शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में खेला था। यह मुकाबला लंदन के द ओवल मैदान पर खेला गया था। इसके बाद चोटों के कारण उनका करियर प्रभावित हुआ। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद वह भारतीय टीम के सीमित ओवरों के प्रारूप का अहम हिस्सा बने रहे।


