डेस्क: कांग्रेस ने शुक्रवार को महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जब ”सत्ता के अहंकार में डूबी” मोदी सरकार महंगाई पर काबू पाने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है, तो पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर की जनता की जिम्मेदारी है कि वह आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को हराकर अपना आक्रोश प्रदर्शित करे।
जिंदगी महंगाई और कर्ज के दोहरे चक्रव्यूह में फंस गई
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में आम आदमी की जिंदगी महंगाई और कर्ज के दोहरे चक्रव्यूह में फंस गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण खुशहाली को लेकर सरकार के दावों की पोल उसकी अपनी संस्था नाबार्ड के सर्वेक्षण खोल रहे हैं। ग्रामीण परिवारों के खर्च का आधे से अधिक हिस्सा खाने-पीने की वस्तुओं पर खर्च हो रहा है, बचत घट रही है और कर्ज लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि ग्रामीण परिवारों को अनौपचारिक कर्ज पर सालाना 18.3 प्रतिशत तक ब्याज चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जमीनी हकीकत स्वीकार करने से इनकार कर रही है, जिससे हालात में सुधार की गुंजाइश नजर नहीं आती।
रमेश ने कहा कि सब्जियों, फलों, दाल, तेल, दूध और आटे समेत रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग परेशान है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2027 में चिकित्सा खर्च में 10 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। रमेश के मुताबिक, दीपावली के बाद साबुन, बिस्कुट, नूडल्स और रोजमर्रा के इस्तेमाल की अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ने की तैयारी है।
आम आदमी की थाली छोटी हो रही
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि आम आदमी को न तो कमाई में राहत मिल रही है, न महंगाई पर लगाम लग रही है और न ही इलाज सस्ता हो रहा है। रमेश ने कहा कि मोदी सरकार के विकास की वास्तविकता यह है कि आम आदमी की थाली छोटी हो रही है, जेब खाली हो रही है और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ”अब जब सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार महंगाई को काबू करने का कोई प्रयास नहीं कर रही है, तो यह ज़िम्मेदारी पंजाब, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर की जागरूक जनता पर आ गई है कि वह आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को धूल चटाकर महंगाई के ख़िलाफ़ अपना आक्रोश प्रदर्शित करे।”


