डेस्क : दिवाली से पहले मनाया जाने वाला धनतेरस का त्योहार हिंदू धर्म में बेहद खास माना जाता है। इस साल यह पर्व 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। धनतेरस को धन, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, धन के देवता कुबेर और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना-चांदी खरीदने के साथ कुछ खास उपाय करने से घर में सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहती है। इन्हीं उपायों में से एक है लाल कपड़े में धनवर्षा पोटली बनाकर तिजोरी में रखना। मान्यता है कि इसमें कुछ विशेष चीजें रखने से मां लक्ष्मी और कुबेर देव की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं धनतेरस के 5 खास उपाय और इस पोटली को बनाने का तरीका। धनतेरस पर करें ये 5 खास उपाय।
सूर्यास्त के बाद जलाएं 13 दीपक
धनतेरस पर सूर्यास्त के बाद 13 दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इनमें पहला दीपक यमराज के नाम से घर के बाहर दक्षिण दिशा में जलाया जाता है। इसके बाद अन्य दीपक घर के अलग-अलग स्थानों पर रखे जाते हैं। कई परंपराओं में दीपकों के पास 13 कौड़ियां रखने का भी विधान बताया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार पर सुख-समृद्धि बनी रहती है और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
लाल कपड़े में बनाएं धनवर्षा पोटली
धनतेरस पर धनवर्षा पोटली बनाना बेहद शुभ माना जाता है। इसके लिए एक साफ लाल कपड़ा लें। अब इसमें सात कौड़ियां, तीन गोमती चक्र, एक हल्दी की गांठ, थोड़े से अक्षत यानी साबुत चावल और एक रुपये का सिक्का रखें। इन सभी चीजों को लाल कपड़े में बांधकर छोटी-सी पोटली बना लें। शाम के समय माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करें। पूजा के दौरान इस पोटली को उनके सामने रखें और श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करें। पूजा पूरी होने के बाद इसे अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से घर में बरकत बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
माता लक्ष्मी को चढ़ाएं साबुत धनिया
धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदना और माता लक्ष्मी को अर्पित करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, साबुत धनिया सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है। पूजा के दौरान इसे माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि को अर्पित करें। पूजा के बाद कुछ धनिया प्रसाद के रूप में बांट दें और थोड़ा धनिया तिजोरी में रख सकते हैं।
घर की उत्तर दिशा में स्थापित करें कुबेर यंत्र
हिंदू धर्म में भगवान कुबेर को धन का देवता और धन का रक्षक माना जाता है। इसलिए धनतेरस पर कुबेर यंत्र की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घर की उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करना शुभ होता है। यंत्र की स्थापना करते समय ‘ॐ यक्षाय कुबेराय नमः’ मंत्र का जाप करें। नियमित रूप से यंत्र की सफाई करें और धूप-दीप दिखाएं। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और आर्थिक समृद्धि बनी रहती है।
कपूर और लौंग से करें तिजोरी की पूजा
धनतेरस पर घर के साथ-साथ तिजोरी और धन रखने वाली जगह की सफाई करना भी शुभ माना जाता है। सबसे पहले तिजोरी को अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद पूजा के समय कपूर में लौंग रखकर जलाएं और तिजोरी के सामने दीपक दिखाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कपूर और लौंग का यह उपाय नकारात्मकता दूर करने और घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने से जुड़ा है। कपूर जलाते समय आग से सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
कुबेर यंत्र क्या है और इसे कैसे स्थापित करें?
कुबेर यंत्र एक धार्मिक प्रतीक है, जिसे धन की रक्षा और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इसे धनतेरस या किसी अन्य शुभ दिन घर, दुकान अथवा पूजा स्थल पर स्थापित किया जा सकता है। वास्तु और धार्मिक परंपराओं में इसे उत्तर दिशा में रखने की सलाह दी जाती है। यंत्र स्थापित करते समय ‘ॐ श्री कुबेराय नमः’ मंत्र का जाप करें। नियमित रूप से इसकी सफाई करें और धूप-दीप दिखाकर पूजा करें। धार्मिक विश्वास है कि इससे भगवान कुबेर का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
धनतेरस पर खरीदारी करना क्यों माना जाता है शुभ?
धनतेरस से पांच दिवसीय दिवाली पर्व की शुरुआत होती है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसे घर में धन और समृद्धि के स्वागत का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा भी की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद और अच्छे स्वास्थ्य के देवता हैं। इसलिए यह त्योहार केवल धन-संपत्ति ही नहीं, बल्कि स्वस्थ और खुशहाल जीवन का संदेश भी देता है।


