डेस्क: कल रात अमेरिकी शेयर बाजार (American Stock Market) के लिए 19 महीने का सबसे बुरा दिन रहा, क्योंकि AI रेगुलेशन (AI Regulation) की डर से अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. S&P500 इंडेक्स झटके में 3.77 फीसदी या 290 अंक टूट गया, जबकि डॉऊ जोन्स में 3 फीसदी या 1600 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. नैस्डैक 5.52% गिरकर 24,315.00 पॉइंट्स पर आ गया।
इस भारी गिरावट के चलते निवेशकों (Investors) के 2.9 ट्रिलियन डॉलर या करीब 270 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गया. इस भारी गिरावट में एनविडिया के शेयर 9 फीसदी तक टूट गए, माइक्रॉन टेक के शेयरों में 17 फीसदी की गिरावट आई. सेमीकंडक्टर ईटीएफ में 70 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
नैस्डैक कंपोजिट 6 अक्टूबर के अपने रिकॉर्ड-हाई क्लोज से 10% से ज़्यादा नीचे बंद हुआ, जिससे टेक्निकल करेक्शन कन्फर्म हुआ. AI डेटा सेंटर के लिए कंपोनेंट देने वाली चिप बनाने वाली कंपनियों में सबसे ज़्यादा गिरावट आई, वहीं बुधवार को तेजी के बाद दूसरे बड़े टेक स्टॉक्स में भी गिरावट आई. मेटा प्लेटफॉर्म्स में 4% की गिरावट आई, जबकि Amazon.com और वर्णमाला (GOOGL.O) में 2.2% की गिरावट आई. रॉयटर्स की रिपोर्ट का कहना है कि यह 19 महीनों में सबसे बड़ी डेली गिरावट है।
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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव (American Midterm elections) में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद निवेशकों को आशंका है कि AI डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर नए प्रतिबंध लग सकते हैं. इससे AI कंपनियों की भविष्य की कमाई और भारी निवेश पर सवाल उठे और चिप कंपनियों में तेज बिकवाली ने गिरावट को और बढ़ा दिया. वोटरगाइड देखें
भारतीय बाजार में क्या होगा?
अगर हम भारतीय बाजार का इंडिकेटर Gift Nifty को देखें तो अभी ये निगेटिव में है और 127 अंकों की गिरावट का संकेत दे रहा है, जिसका मतलब है कि भारतीय बजाार आज निगेटिव पर खुल सकता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स ये भी कह रहे हैं कि भारत में एआई के कम एक्सपोजर के कारण उतनी बड़ी गिरावट नहीं आएगी, जितना की अमेरिकी बाजार में देखने को मिली है.
गौरतलब है कि भारतीय बाजार पिछले 6 दिनों से लगातार तेजी दिखा रहा था, जिस कारण इसका मार्केट कैप भी 5 ट्रिलियन को पार कर गया. हालांकि, आज गिरावट के संकेत दिखाई दे रहे हैं।


