डेस्क : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान न केवल खाद्य उत्पादक होंगे, बल्कि बिजली, ईंधन, विमानन ईंधन और हाइड्रोजन के भी प्रदाता बनेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अंततः ऊर्जा निर्यातक राज्य बन सकता है। गडकरी ने जौनपुर जिले के मुंगरा बादशाहपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “हमारा किसान न केवल अन्नदाता होगा, बल्कि ऊर्जा, ईंधन, विमानन ईंधन और हाइड्रोजन ऊर्जा का भी प्रदाता होगा।” वह मुंगरा बादशाहपुर बाईपास सहित 3,650 करोड़ रुपये की लागत वाली आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखने और उनका उद्घाटन करने के लिए जिले में आए थे।
केंद्रीय मंत्री ने ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उनके विभाग पर कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सकता, लेकिन ठेकेदारों को काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर उन्हें भविष्य में कोई ठेका नहीं दिया जाएगा। गडकरी ने बताया कि मंत्री बनने के बाद जब वह पहली बार उत्तर प्रदेश आए थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वादा किया था कि एक दिन राज्य की सड़कें अमेरिका की सड़कों जैसी हो जाएंगी। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी का हवाला देते हुए कहा, “अमेरिका की सड़कें इसलिए अच्छी नहीं हैं क्योंकि अमेरिका अमीर है, बल्कि अमेरिका इसलिए अमीर है क्योंकि वहां की सड़कें अच्छी हैं।’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश की सड़कों को भी अमेरिका की सड़कों के बराबर बनाने का वादा किया था। गडकरी ने बताया, ” उत्तर प्रदेश में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सड़क परियोजनाओं पर काम हो रहा है। इनमें एक लाख करोड़ रुपये के कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि करीब सवा लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूरी की प्रक्रिया में हैं।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 50 साल के शासनकाल में अमेठी और रायबरेली जैसे क्षेत्रों में जो काम नहीं हो सके, वे भाजपा सरकार के 10 वर्षों के शासन में पूरे कर लिए गए हैं।
गडकरी ने कहा, “यह तो विकास की फिल्म का सिर्फ ट्रेलर है, पूरी फिल्म अभी देखी जानी बाकी है।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में हो रहा विकास वहां की तस्वीर बदल रहा है, इसका श्रेय उन्होंने सरकार को काम करने का अवसर देने वाली जनता को दिया। गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इनमें बसें, ट्रक और निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली मशीनें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गन्ने की खोई, सोयाबीन और धान के अवशेष जैसे कृषि अपशिष्ट तथा नगरपालिका के कचरे से हाइड्रोजन बनाई जा सकती है। गडकरी ने गोरखपुर, वाराणसी, गाजीपुर, बाराबंकी और अयोध्या सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी के किनारे एलिवेटेड सड़क के निर्माण को मंजूरी दिए जाने की घोषणा भी की।


