मनोरंजन

दोस्ती हो तो रजनीकांत जैसी, दो फिल्में अटकीं तो 2 करोड़ देने को हुए तैयार, फिल्म निर्माता KC बोकाडिया ने बताई एक्टर की दरियादिली

डेस्क : अनुभवी फिल्म निर्माता KC बोकाडिया ने सुपरस्टार रजनीकांत के साथ अपनी पुरानी दोस्ती के बारे में बात की। उन्होंने याद किया कि कैसे ‘जेलर’ अभिनेता ने उनके करियर के एक मुश्किल दौर में उन्हें आर्थिक मदद देने की पेशकश की थी।

ANI से बात करते हुए, बोकाडिया ने सुपरस्टार के साथ अपने करीबी रिश्ते को याद किया। उन्होंने बताया कि रजनीकांत न केवल उनके एक बहुत अच्छे दोस्त थे, बल्कि उन्होंने उनके साथ कई फिल्मों में काम भी किया था।
यह याद करते हुए कि कैसे उनका परिवार अक्सर उन्हें पेशेवर मदद के लिए रजनीकांत से संपर्क करने के लिए कहता था, बोकाडिया ने कहा, “वे मेरे बहुत करीबी दोस्त थे। उन्होंने पांच फिल्मों में काम किया। मेरा परिवार मुझसे रोज़ कहता था, ‘पापा, आप बेवजह परेशान हो रहे हैं। रजनीकांत से कहिए कि वे एक फिल्म बनाएं। इसके बाद फिल्म निर्माता ने बताया कि उन्हें रजनीकांत के सचिव का फोन आया, जिन्होंने उन्हें बताया कि जब भी वे चेन्नई आएं, तो सुपरस्टार उनसे मिलना चाहते हैं।
जिस गर्मजोशी और स्नेह के साथ उनका स्वागत किया गया, उसे याद करते हुए बोकाडिया ने बताया कि सचिव ने तो यहाँ तक कह दिया था कि वे उनसे मिलने वहां आ सकते हैं, जहां वे ठहरे हुए हैं।
इस व्यवहार से भावुक होकर फिल्म निर्माता ने याद करते हुए कहा, “देखिए, एक इंसान का बड़प्पन क्या होता है। अगर ईश्वर किसी पर मेहरबान हों, तो वे उसे आशीर्वाद देते हैं। रजनीकांत जी के सचिव ने पूछा, ‘आप कहाँ ठहरे हैं ? हम आ जाएंगे। मैंने कहा, ‘सर, मैं अपनी बहन के यहां ठहरा हूं लेकिन उन्होंने कहा, ‘कोई बात नहीं, आप हमें पता भेज दीजिए। आखिरकार बोकाडिया रजनीकांत से मिलने गए, और उनकी यह मुलाकात एक भावुक पल में बदल गई। उनके गले मिलने और उसके बाद छाई खामोशी को याद करते हुए उन्होंने कहा, “हम एक-दूसरे के गले लगे और लगभग एक-दो मिनट तक हम दोनों ही चुप रहे। हमें समझ नहीं आ रहा था कि बातचीत की शुरुआत कौन करे। फिर उन्होंने पूछा, ‘मिस्टर बोकाडिया, आप कैसे हैं ? सब ठीक तो है ?’ मैंने कहा, ‘सर, सब ठीक है।’ फिल्म निर्माता ने आगे बताया कि रजनीकांत को उन मुश्किलों के बारे में पता था जिनका वे सामना कर रहे थे, और उन्होंने तुरंत उन्हें आर्थिक मदद देने की पेशकश की।
बोकाडिया ने बताया, “उन्होंने कहा, ‘आप थोड़े परेशान थे। आपने मुझे बताया नहीं। बताइए मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं ? आपकी दो फिल्में… दो रिलीज रुकी हुई हैं। मैं आपको 1-2 करोड़ रुपये दे सकता हूं।
हालांकि, बोकाडिया ने बताया कि उन्होंने विनम्रतापूर्वक इस आर्थिक मदद को लेने से मना कर दिया और कहा, “सर, मैं पैसे नहीं लूंगा। इस मुलाकात के दौरान दोनों ने लगभग 15-20 मिनट साथ बिताए और भविष्य में एक साथ फिल्म बनाने की संभावना पर भी चर्चा की। इस बातचीत को याद करते हुए बोकाडिया ने बताया कि भले ही उन्होंने उस वित्तीय प्रस्ताव पर आगे कोई बात नहीं बढ़ाई, लेकिन रजनीकांत की चिंता, स्नेह और मदद करने की इच्छा ने उन पर एक गहरी छाप छोड़ी।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके जीवन में कई लोग आए जिन्होंने इसी तरह की दयालुता दिखाई, लेकिन इस सुपरस्टार का अपनापन और उदारता एक बेहद यादगार अनुभव रही। रजनीकांत और के.सी. बोकाडिया ने 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में कई फिल्मों में साथ काम किया है। उनकी फिल्मों में ‘इंसाफ कौन करेगा’, ‘फूल बने अंगारे’, ‘त्यागी’ और ‘इंसानियत का देवता’ शामिल हैं। रजनीकांत, जिन्हें उनके प्रशंसक प्यार से ‘थलाइवर’ कहते हैं, आज भी कई पीढ़ियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान कई दशकों तक फैला हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *