डेस्क:पटना । बिहार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि हड़ताल पर गए कई राजस्व कर्मचारी और अमीन काम पर लौट आए हैं और अपना काम कर रहे हैं। सरकार ने हड़ताल पर अब तक नहीं लौटने वाले कर्मचारियों और अमीनों के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सकारात्मक वार्ता के बाद भी जो कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि विभाग ने जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने बताया कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों के स्थान पर विशेष सर्वेक्षण अमीनों को पदभार सौंपा जाएगा। इसके तहत लगभग 3,200 से 4,000 विशेष सर्वेक्षण अमीनों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग के पास लगभग 13,000 अमीन सर्वेक्षण कार्य में लगे हुए हैं। इनमें से अमीनों को लेकर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तैनात किया जा रहा है। साथ ही, हड़ताल पर गए कर्मचारियों के डोंगल भी बंद किए जा रहे हैं। इससे सरकार का काम नहीं रुकेगा और हड़ताल का असर राजस्व संबंधी कार्यों पर नहीं पड़ेगा। दिलीप जायसवाल ने कहा कि हड़ताल पर लौटने वाले कर्मचारियों का स्वागत है, लेकिन जो लोग काम पर नहीं लौटेंगे, उनके खिलाफ सरकार के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
मंत्री ने बताया कि जब उन्होंने तीन-चार महीने पहले मंत्री पद संभाला था, उस समय राजस्व कर्मचारी, अमीन और अंचल अधिकारी तीन अलग-अलग हड़ताल पर थे। सरकार ने संबंधित कर्मियों से वार्ता कर हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास किया था। अंचल अधिकारियों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है और वे पूरी तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मचारियों और अमीनों की पुरानी मांगों को लेकर दो बार चर्चा हुई है। उनकी उचित मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय लेने के लिए तैयार है।
हालांकि, राजस्व कर्मचारियों की ओर से पदनाम बदलकर सहायक राजस्व अधिकारी करने की मांग रखी गई है, जिसे तत्काल स्वीकार करना संभव नहीं है। मंत्री ने कहा कि जिस पद पर किसी कर्मचारी की बहाली हुई है, फिलहाल उसे उसी पद पर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि राजस्व अधिकारी के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया में सामान्य तौर पर 17 वर्ष का समय लगता है।
इस अवधि को कम करने के लिए बीच में एक अतिरिक्त पदोन्नति का चरण देने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव के तहत 10 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद कर्मचारियों का पदनाम, ग्रेड और वेतनमान बदलने की व्यवस्था की जा सकती है। इस विषय पर कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण वार्ता हुई है।


