डेस्क: निर्देशक नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ (Ramayana) 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor), साई पल्लवी (Sai Pallavi) और यश (Yash) जैसे बड़े कलाकारों से सजी इस फिल्म को भव्य स्तर पर तैयार किया गया है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। करीब 4,000 करोड़ रुपये के बजट में बन रही इस फिल्म को लेकर रिलीज से पहले काफी उत्सुकता थी। हालांकि, इसकी चर्चा केवल बड़े बजट और कलाकारों तक सीमित नहीं रही। फिल्म को कई विवादों का सामना भी करना पड़ा।
सबसे पहले रणबीर कपूर की भगवान राम के रूप में कास्टिंग पर सवाल उठे। साल 2011 के एक पुराने इंटरव्यू में उनके बीफ खाने संबंधी बयान को सोशल मीडिया पर दोबारा साझा किया गया। इसमें रणबीर ने मटन, पाया और बीफ पसंद होने की बात कही थी। इसके बाद कुछ लोगों ने धार्मिक किरदार निभाने को लेकर आपत्ति जताई। फिल्म के लिए सात्विक जीवनशैली अपनाने की चर्चा और परिवार के क्रिसमस समारोह के वीडियो सामने आने के बाद भी उनकी छवि को लेकर बहस हुई।
माता सीता की भूमिका के लिए साई पल्लवी का चयन भी विवादों से अछूता नहीं रहा। उनके मेकअप, हेयरस्टाइल, स्क्रीन प्रेजेंस और हिंदी बोलने के अंदाज पर सवाल उठाए गए। कुछ दर्शकों ने उनके लुक को माता सीता की पारंपरिक कल्पना से अलग बताया। उनके परिधानों में ब्लाउज के डिजाइन को लेकर भी आपत्ति जताई गई। कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिम्पल ने स्पष्ट किया था कि उनका उद्देश्य किसी ऐतिहासिक दौर की हूबहू नकल करना नहीं, बल्कि माता सीता की अपनी कल्पना को पर्दे पर प्रस्तुत करना था। साई पल्लवी का एक पुराना इंटरव्यू भी चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने हिंसा और राजनीतिक-सैन्य संघर्षों पर अपनी राय रखी थी। इसके बाद कुछ लोगों ने उनकी कास्टिंग का विरोध किया।
सीता की भूमिका को लेकर करीना कपूर खान का नाम भी पहले चर्चा में रहा था। खबरों में दावा किया गया कि उन्होंने इस किरदार के लिए सामान्य फीस से दोगुनी रकम मांगी थी। हालांकि, करीना ने बाद में इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह इस फिल्म के लिए कभी पहली पसंद नहीं थीं।
कैकेयी के किरदार में लारा दत्ता का लुक भी दर्शकों के बीच बहस का विषय बना। ट्रेलर में मरून साड़ी, गोल्डन बॉर्डर और हरे ब्लाउज के साथ दिखाई दिए उनके आधुनिक हेयरस्टाइल पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। दर्शकों का एक वर्ग इसे त्रेतायुग की रानी के अनुरूप नहीं मान रहा था।
फिल्म के संगीत को लेकर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एआर रहमान और हैंस जिमर ने मिलकर इसका संगीत तैयार किया है। ‘मंगल रंग’ में सूफी और कव्वाली अंदाज की झलक तथा ‘रावण तांडव’ में इलेक्ट्रॉनिक संगीत के इस्तेमाल पर सवाल उठे। आलोचनाओं के जवाब में रहमान ने कहा था कि सभी को खुश करना संभव नहीं है।
फिल्म के प्रमोशनल वीडियो जारी होने के बाद वीएफएक्स की गुणवत्ता पर भी चर्चा तेज हुई। कुछ दर्शकों ने जंगल के दृश्यों, रावण की एंट्री और पुष्पक विमान के चित्रण की तारीफ की, जबकि अन्य ने विजुअल इफेक्ट्स को बनावटी बताया। कुछ लोगों ने इन्हें एआई से तैयार किए गए दृश्यों जैसा भी कहा। इसके जवाब में फिल्म निर्माण से जुड़े बिहाइंड द सीन वीडियो जारी किए गए। रणबीर ने कहा था कि दर्शक कई बार मेहनत से तैयार किए गए सीजीआई को एआई समझ लेते हैं। निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी ने भी बताया था कि शुरुआती ट्रेलर में वीएफएक्स का काम पूरा नहीं हुआ था। यश ने दर्शकों से फिल्म को खुले दिमाग से देखने की अपील की थी।
कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा का एक पुराना बयान भी विवाद की वजह बना। साल 2024 में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने रावण के कुछ कार्यों को उसकी बहन शूर्पणखा के प्रति प्रेम से जोड़कर समझाया था। इस टिप्पणी पर नाराजगी जताई गई। बाद में उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।
फिल्म की स्क्रिप्ट और बौद्धिक संपदा के अधिकारों को लेकर भी विवाद सामने आया। अल्लू मंटेना मीडिया वेंचर्स एलएलपी ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर रामायण परियोजना की स्क्रिप्ट और संबंधित सामग्री पर अपना अधिकार होने का दावा किया था। कंपनी के अनुसार, प्राइम फोकस टेक्नोलॉजीज के साथ अधिकारों को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन अप्रैल 2024 तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ था।
नवंबर 2026 में फिल्म की फुटेज लीक होने का मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा। गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने आरोप लगाया कि गोपनीयता समझौते के बावजूद प्रतिबंधित स्क्रीनिंग के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो ऑनलाइन प्रसारित हुए। कंपनी ने बिना अनुमति रिकॉर्डिंग और वितरण रोकने की मांग की। अदालत ने अंतरिम आदेश जारी कर फिल्म की अनधिकृत रिकॉर्डिंग, होस्टिंग, वितरण और स्ट्रीमिंग पर रोक लगा दी।
इसके अलावा, कुछ धार्मिक संगठनों ने रिलीज से पहले फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग कराने की मांग की थी। रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने निर्देशक को पत्र लिखकर हिंदू संगठनों और रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों के लिए स्क्रीनिंग आयोजित करने का आग्रह किया था। इस मांग के पीछे 2023 में रिलीज हुई ‘आदिपुरुष’ को लेकर हुए विवाद का भी उल्लेख किया गया। फिल्म के संवादों और धार्मिक पात्रों के चित्रण पर पहले उठे सवालों को देखते हुए संगठनों ने इस बार विशेष सतर्कता की मांग की थी।
इस तरह ‘रामायण’ को रिलीज से पहले कलाकारों की पसंद, धार्मिक पात्रों की प्रस्तुति, संगीत, तकनीक और अधिकारों से जुड़े कई मुद्दों पर आलोचना का सामना करना पड़ा। अब 5 नवंबर को सिनेमाघरों में पहुंच चुकी इस फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया और बड़े पर्दे पर इसकी प्रस्तुति चर्चा के केंद्र में है।


