डेस्क: भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। निजी क्षेत्र का प्रमुख बैंक कोटक महिंद्रा बैंक जर्मनी के दिग्गज ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) के भारत स्थित रिटेल और प्राइवेट बैंकिंग कारोबार का अधिग्रहण करने जा रहा है। इस प्रस्तावित सौदे को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने मंजूरी दे दी है। इस डील के बाद ड्यूश बैंक के कई ग्राहकों की बैंकिंग सेवाएं कोटक महिंद्रा बैंक के साथ जुड़ सकती हैं।
CCI ने मंगलवार को इस अधिग्रहण को हरी झंडी दी। इसके तहत कोटक महिंद्रा बैंक भारत में ड्यूश बैंक की शाखाओं के माध्यम से संचालित रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार को अपने साथ जोड़ेगा।
स्लंप सेल के आधार पर होगा अधिग्रहण
दोनों बैंकों के बीच यह सौदा स्लंप सेल के आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब है कि संबंधित कारोबार को एक पूरी इकाई के रूप में दूसरे बैंक को हस्तांतरित किया जाएगा। यह ट्रांसफर चालू व्यवसाय के रूप में होगा यानी कारोबार की मौजूदा गतिविधियों को आगे जारी रखा जाएगा।
29,000 करोड़ रुपए के लोन भी होंगे शामिल
इस सौदे के आकार की बात करें तो जून में दोनों बैंकों ने अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उस समय सामने आई जानकारी के मुताबिक, ड्यूश बैंक के भारतीय कारोबार में करीब 29,000 करोड़ रुपए के लोन शामिल हैं।
इसके अलावा लगभग 16,000 करोड़ रुपए की जमा राशि और 10,500 करोड़ रुपए की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी इस डील का हिस्सा हैं। AUM का मतलब उन संपत्तियों और निवेशों से है, जिनका प्रबंधन बैंक अपने ग्राहकों की ओर से करता है।
इस अधिग्रहण से कोटक महिंद्रा बैंक को अपने रिटेल, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।
निवेश सेवाओं को लेकर भी समझौता
इस डील में दोनों बैंकिंग समूहों की सहयोगी कंपनियों के बीच रेफरल व्यवस्था भी शामिल है। इसके तहत ड्यूश इन्वेस्टमेंट्स इंडिया की इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सेवाओं के ग्राहकों को कोटक महिंद्रा बैंक की संबंधित पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के पास भेजा जाएगा।
कितना बड़ा है कोटक महिंद्रा बैंक का कारोबार?
कोटक महिंद्रा ग्रुप की स्थापना 1985 में हुई थी और यह देश के प्रमुख वित्तीय सेवा समूहों में शामिल है। 31 मार्च 2026 तक समूह की कुल संपत्ति 10,03,353 करोड़ रुपए थी।
वहीं, ड्यूश बैंक जर्मनी का प्रमुख बैंक है, जिसकी यूरोप, अमेरिका और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में मजबूत मौजूदगी है। इस अधिग्रहण से भारतीय बैंकिंग बाजार में कोटक महिंद्रा बैंक की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।


