मनोरंजन

आयुष्मान खुराना ने बताया फिल्मों के चुनाव का मंत्र, बोले- ‘कुछ नया और अलग करने की कोशिश जारी रहेगी’

डेस्क: बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाले आयुष्मान खुराना उन अभिनेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए हैं, जो आम फिल्मों की कहानियों से अलग रहे हैं। कभी सामाजिक मुद्दों को कॉमेडी के अंदाज में पेश किया तो कभी थ्रिलर और रोमांस के जरिए दर्शकों को नया अनुभव दिया। ‘विक्की डोनर’, ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘अंधाधुन’ और ‘ड्रीम गर्ल’ जैसी फिल्मों से उन्होंने अपनी इस खास पहचान को मजबूत किया है। अब ‘उड़ता तीर’, ‘ये प्रेम मोल लिया’ और ‘मुपापा’ के साथ अभिनेता एक बार फिर अलग-अलग तरह की कहानियों के जरिए दर्शकों के सामने आने की तैयारी में हैं।

जोखिम लेने से पीछे नहीं हटते आयुष्मान
आयुष्मान का कहना है कि वह हमेशा ऐसे विषयों और किरदारों की तलाश में रहते हैं, जिन्हें पर्दे पर कम एक्सप्लोर किया गया हो। अपने फिल्मी चुनाव के बारे में उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा उस रास्ते पर चलने में विश्वास किया है, जिस पर कम लोग चलते हैं। मेरी फिल्मों का चुनाव इसी सोच को दिखाता है। मैं ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहता हूं, जो कंटेंट के मामले में आगे हों और दर्शकों को कुछ नया दें। दर्शकों का भरोसा ही मुझे प्रयोग करने, जोखिम उठाने और अलग-अलग जॉनर में खुद को आजमाने का हौसला देता है।”
हर बार नए जॉनर में नजर आए अभिनेता
आयुष्मान की फिल्मों पर नजर डालें तो उन्होंने खुद को किसी एक जॉनर तक सीमित नहीं रखा है। उनकी फिल्मोग्राफी में सोशल कॉमेडी, डार्क थ्रिलर, रोमांटिक ड्रामा और देशभक्ति से जुड़ी कॉमेडी तक कई तरह की कहानियां शामिल हैं। ऐसे दौर में जब फ्रेंचाइजी फिल्मों और बड़े स्तर पर बनाई जा रही कहानियों का चलन है, अभिनेता ने अलग विषयों वाली फिल्मों को चुनकर अपनी राह बनाई है। उनके मुताबिक, किसी फिल्म में नया नजरिया और मनोरंजन दोनों हों, तो दर्शक उसे अपनाने के लिए तैयार रहते हैं।
‘दर्शकों का प्यार मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है’
अपनी फिल्मों को मिल रहे दर्शकों के प्यार पर बात करते हुए आयुष्मान ने कहा, “एक अभिनेता के तौर पर मैं ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना चाहता हूं, जो लोगों को कुछ नया दें और उनका मनोरंजन भी करें। ‘उड़ता तीर’ को मिल रहा प्यार मेरे लिए बेहद खास है। इससे मेरा भरोसा और मजबूत हुआ है कि दर्शक नई कहानियों और अलग अंदाज को स्वीकार करते हैं, अगर वे उनसे जुड़ पाते हैं और उनका मनोरंजन होता है।”
उन्होंने आगे कहा कि वह उन निर्देशकों, लेखकों और पूरी टीम के आभारी हैं, जिन्होंने अलग तरह की कहानियों के लिए उन पर भरोसा जताया। साथ ही दर्शकों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके समर्थन से यह साबित हुआ है कि नई सोच वाली फिल्में भी मुख्यधारा के सिनेमा में अपनी जगह बना सकती हैं। अब ‘ये प्रेम मोल लिया’ और ‘मुपापा’ के जरिए आयुष्मान अपनी इसी सोच को आगे बढ़ाते दिखाई देंगे।

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