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भारत में बदल रहा है कोल्ड ड्रिंक का बाजार, मीठी ड्रिंक्स से दूरी बना रहे लोग, जीरो शुगर की मांग दोगुनी

डेस्क: भारत के करीब 60 हजार करोड़ रुपए के सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब लोग मीठी कोल्ड ड्रिंक्स की जगह जीरो शुगर और लो शुगर वाले पेय पदार्थों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसका फायदा पेप्सी और कोका-कोला जैसी बड़ी कंपनियों को मिल रहा है। जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में पेप्सीको के कुल वॉल्यूम में जीरो और लो शुगर ड्रिंक्स की हिस्सेदारी बढ़कर 88 फीसदी हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 44 फीसदी थी। वहीं, कोका-कोला की डाइट और लाइट ड्रिंक्स की बिक्री भी तेजी से बढ़ी है।

महंगी चीनी से कंपनियों को मिली राहत
लोगों की बदलती पसंद के बीच चीनी की बढ़ती कीमतें भी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। पिछले साल 40 से 50 रुपए किलो मिलने वाली चीनी अब 58 से 65 रुपए किलो तक पहुंच गई है। खराब मौसम, गन्ने की फसल को नुकसान और घरेलू उत्पादन में कमी इसकी प्रमुख वजहें हैं।
पेप्सी की बॉटलिंग पार्टनर वरुण बेवरेजेज (VBL) के मुताबिक, जीरो और लो शुगर प्रोडक्ट्स की बिक्री बढ़ने से कंपनी को महंगी चीनी की लागत का दबाव कम करने में मदद मिली है। कंपनी के अधिकारी राज गांधी ने भी माना कि चीनी की कम खपत से ग्रॉस मार्जिन को बचाने में मदद मिली।
डाइट कोक की बिक्री में 150% उछाल
जीरो शुगर ड्रिंक्स की बढ़ती मांग को देखते हुए कोका-कोला भी अपनी रणनीति बदल रही है। कंपनी कोक जीरो, डाइट कोक, स्प्राइट जीरो और शुगर-फ्री थम्स अप जैसे उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। साथ ही बिना चीनी और कैफीन वाला नया ड्रिंक कोक जीरो जीरो लॉन्च करने की तैयारी है।
कंपनी के बॉटलिंग सहयोगियों के मुताबिक, 2026 के पहले नौ महीनों में डाइट कोक की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 150 फीसदी बढ़ी है। डाइट और लाइट ड्रिंक्स की हिस्सेदारी भी 60 फीसदी के पार पहुंच गई है।
नए ब्रांड भी बाजार में उतरे
जीरो शुगर ड्रिंक्स की बढ़ती लोकप्रियता का फायदा उठाने के लिए नए ब्रांड भी मैदान में आ रहे हैं। लाहौरी जीरा ने शुगर-फ्री वेरिएंट लॉन्च किया है। वहीं कैंपा और जायरो ने भी जीरो शुगर कोला बाजार में उतारे हैं।

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