डेस्क:लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में आगामी विधानसभा चुनावों (2027) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाथरस जिले में कुल 3 विधानसभा सीटें हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में हाथरस जिले की तीन सीटों में से दो सीटें भाजपा और एक राष्ट्रीय लोकदल ने जीती थी। हालांकि, 2022 की तुलना में 2027 के चुनाव में समीकरण बदले हैं, क्योंकि लोकदल अब एनडीए (भाजपा गठबंधन) के साथ है, जबकि समाजवादी पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन संभावित है। वर्तमान में हाथरस विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, जहां से भाजपा की अंजुला सिंह माहौर विधायक हैं। वहीं, सिकंदराऊ से भाजपा के बीरेंद्र सिंह राणा विधायक हैं और सादाबाद का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय लोकदल के विधायक प्रदीप कुमार सिंह उर्फ गुड्डू चौधरी कर रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में हाथरस सीट पर भाजपा की अंजुला सिंह माहौर ने 70 हजार से अधिक वोटों से विजय प्राप्त की। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संजीव कुमार को शिकस्त दी। चुनाव में भाजपा की अंजुला सिंह माहौर को कुल 1,54,655 वोट मिले तो वहीं, बसपा प्रत्याशी संजीव कुमार के खाते में 53,799 वोट आए। समाजवादी पार्टी के बृजमोहन राही कुल 47,185 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। पिछली बार हाथरस विधानसभा क्षेत्र में कुल 14 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।
सिकंदराऊ विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक बीरेंद्र सिंह राणा 2022 के विधानसभा चुनाव में 14 हजार से अधिक वोटों से विजयी रहे। उन्हें कुल 98,094 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ललित प्रताप बघेल को कुल 89,990 मतदाताओं ने वोट दिया। बसपा ने अवधेश कुमार सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया, जिन्हें 41,781 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, कांग्रेस ने छवि वैष्णव को टिकट दिया, जो महज 1,159 वोट के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। पिछले चुनाव में यहां कुल 12 प्रत्याशी उतरे थे।
सादाबाद विधानसभा सीट पर राष्ट्रीय लोकदल के प्रदीप कुमार सिंह उर्फ गुड्डू चौधरी ने 2022 के चुनाव में भाजपा के रामवीर उपाध्याय को 26 से अधिक वोट से हराया था। प्रदीप कुमार सिंह को कुल 1,04,874 वोट हासिल हुए थे और भाजपा प्रत्याशी के खाते में 98,437 वोट आए थे। यहां से बसपा के अविन शर्मा और कांग्रेस के मथुरा प्रसाद क्रमश: तीसरे और चौथे नंबर पर रहे।


