डेस्क: पाकिस्तान की संसद में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान (Maulana Fazlur Rahman) ने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) पर तीखा कटाक्ष किया। ईरान में आयोजित क्षेत्रीय सुरक्षा बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मौजूदगी का जिक्र करते हुए मौलाना ने सवाल उठाया कि जब वहां रक्षा संबंधी बैठक हो रही है तो पाकिस्तान के रक्षा मंत्री संसद में क्यों बैठे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ”कोई शर्म होती है, कोई हया होती है।” उनके इस बयान पर संसद में मौजूद नेता हंसने लगे।
पाकिस्तानी समाचार वेबसाइट डॉन के मुताबिक, मौलाना फजलुर रहमान ने असेंबली में अपने संबोधन के दौरान तेहरान में हुई उच्चस्तरीय बैठक का उल्लेख किया। इस बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी के अलावा ईरान, सऊदी अरब और तुर्किये के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे।
मौलाना ने कहा, ”ईरान में एक रक्षा समझौते को लेकर बैठक चल रही है और रक्षा मंत्री यहां बैठे हैं।” इसके बाद उन्होंने बैठक में गृह मंत्री मोहसिन नकवी की मौजूदगी पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वहां गृह मंत्री की भी जरूरत थी?
ख्वाजा आसिफ के बयान को उन्हीं पर किया इस्तेमाल
मौलाना फजलुर रहमान ने अपने तंज को और धार देते हुए ख्वाजा आसिफ के चर्चित वाक्य ‘कोई शर्म होती है, कोई हया होती है’ को उन्हीं के खिलाफ इस्तेमाल किया। इस टिप्पणी का अर्थ शर्म और शालीनता बनाए रखने की नसीहत देना है। सदन में उनके इस बयान पर ठहाके लगे। वहीं, सोशल मीडिया पर भी भाषण का वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है।
तेहरान में जुटे थे तीन देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी
दरअसल, क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के शीर्ष रक्षा एवं सुरक्षा अधिकारियों ने सोमवार को तेहरान में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रजाई से संयुक्त रूप से मुलाकात की थी।
ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, बैठक में सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान, तुर्किये की खुफिया एजेंसी के प्रमुख इब्राहिम कालिन और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शामिल हुए। इस दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद थे।
बैठक में क्षेत्रीय हालात और बढ़ते तनाव पर चर्चा की गई। आशंका जताई जा रही है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अधिक देशों को संघर्ष में खींच सकता है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये अगस्त में हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का हिस्सा हैं। इस समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर हमला होने की स्थिति में उसे सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा।
कौन हैं मौलाना फजलुर रहमान
मौलाना फजलुर रहमान पाकिस्तान के प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक नेताओं में गिने जाते हैं। वह जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के अध्यक्ष हैं। उनका संबंध खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान से है। वह एक प्रमुख पश्तून धार्मिक नेता के रूप में अपनी पहचान रखते हैं।


