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हार्ट अटैक का खतरा कम करती हैं ये 3 मछलियां, जानें खाने का सही तरीका

डेस्क : दिल को स्वस्थ रखने के लिए खानपान पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। हमारी डाइट में शामिल कुछ खाद्य पदार्थ हृदय की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इन्हीं में मछली भी शामिल है। खासकर सैल्मन, बांगड़ा और सार्डिन जैसी वसायुक्त मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो खून में ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर कम करने में मदद कर सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि दिल की सेहत के लिए कौन-सी मछली खाना फायदेमंद है और इसे हफ्ते में कितनी बार खाना चाहिए? आइए जानते हैं।

सैल्मन मछली दिल के लिए क्यों है फायदेमंद?
सैल्मन एक वसायुक्त मछली है, जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड के दो प्रमुख प्रकार EPA और DHA पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व खून में ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर कम करने में मदद कर सकते हैं। सैल्मन प्रोटीन और विटामिन बी12 का भी अच्छा स्रोत है। इसे संतुलित डाइट में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और दिल की सेहत बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
बांगड़ा मछली भी है अच्छा विकल्प
बांगड़ा, जिसे मैकरेल भी कहा जाता है, ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मछलियों में शामिल है। इसका सेवन दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, मैकरेल की अलग-अलग प्रजातियों में पारे की मात्रा अलग हो सकती है। इसलिए मछली खरीदते समय सुरक्षित और कम पारे वाली प्रजाति का चुनाव करना बेहतर है।

सार्डिन मछली खाने के फायदे
सार्डिन छोटी वसायुक्त मछली है, जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड के साथ प्रोटीन और विटामिन बी12 भी पाया जाता है। इसमें कैल्शियम भी मिल सकता है, खासकर जब इसे नरम हड्डियों सहित खाया जाए। इसे डाइट में शामिल करने से जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
हफ्ते में कितनी बार खानी चाहिए मछली?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, दिल की सेहत के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार मछली खाना अच्छा विकल्प है। एक सर्विंग में लगभग 3 औंस यानी 85 ग्राम पकी हुई मछली ली जा सकती है। मछली के साथ हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालों को भी डाइट का हिस्सा बनाएं।

मछली पकाने का सही तरीका क्या है?
मछली से बेहतर पोषण पाने के लिए उसे पकाने के तरीके पर भी ध्यान देना जरूरी है।
ग्रिल करके खाएं: इसमें अतिरिक्त तेल की जरूरत कम पड़ती है।
भाप में पकाएं: यह मछली तैयार करने का एक अच्छा विकल्प है।
कम तेल में बनाएं: इससे अतिरिक्त कैलोरी को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
डीप फ्राई करने से बचें: बार-बार या ज्यादा तेल में तलने से खाने में अतिरिक्त वसा और कैलोरी बढ़ सकती हैं।
क्या मछली खाने से हार्ट अटैक का खतरा खत्म हो जाता है?
नहीं, मछली खाने से हार्ट अटैक का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन हृदय रोग का जोखिम उम्र, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान और पारिवारिक इतिहास जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और वजन को नियंत्रित रखना जरूरी है। अगर आपको पहले से हृदय रोग है या आप खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं, तो अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
नोट: मछली दिल के लिए फायदेमंद संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है, लेकिन यह डॉक्टर की सलाह, दवाओं या अन्य जरूरी उपचार का विकल्प नहीं है।

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