डेस्क: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोगों की आदत होती है कि खाना खाते ही सोफे पर बैठ जाते हैं या बिस्तर पर लेटकर आराम करने लगते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो अपनी इस आदत पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। खासकर उन लोगों को, जिन्हें डायबिटीज है या जिनका ब्लड शुगर लेवल अक्सर बढ़ा रहता है। खाना खाने के बाद शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान शारीरिक गतिविधि न करना कुछ लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे में सिर्फ 10 से 15 मिनट की हल्की सैर आपके लिए फायदेमंद हो सकती है।
AIIMS दिल्ली के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. राजेश खड़गावत की सलाह के मुताबिक, खाना खाने के बाद थोड़ी देर चलने से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं कि खाने के बाद शुगर क्यों बढ़ती है, तुरंत लेटने से क्या परेशानी हो सकती है और रोजाना की कौन-सी आदतें आपको स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।
खाना खाने के बाद क्यों बढ़ती है ब्लड शुगर
जब हम खाना खाते हैं, तो हमारा शरीर उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट को तोड़कर ग्लूकोज में बदलता है। यह ग्लूकोज खून के जरिए शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचता है, जहां इसका इस्तेमाल ऊर्जा बनाने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान ब्लड शुगर का स्तर बढ़ना स्वाभाविक है। स्वस्थ शरीर में इंसुलिन नाम का हार्मोन ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है, जिससे खून में शुगर का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। लेकिन डायबिटीज से पीड़ित लोगों में शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। ऐसे में खाने के बाद ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ी रह सकती है। खाना खाने के बाद कुछ समय तक ब्लड शुगर बढ़ना सामान्य है। हालांकि, यह कितनी बढ़ेगी और कितनी देर तक बढ़ी रहेगी, यह आपके खाने, उसकी मात्रा, शारीरिक गतिविधि और शरीर में इंसुलिन के काम करने के तरीके पर निर्भर करता है।
खाने के तुरंत बाद लेटने की आदत क्यों छोड़नी चाहिए
खाना खाने के बाद आराम करना गलत नहीं है, लेकिन हर बार भोजन के तुरंत बाद लंबे समय तक बिना हिले-डुले बैठे रहना या लेटे रहना अच्छी आदत नहीं है। खासकर तब, जब आपकी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि बहुत कम हो। खाने के बाद हल्का चलने से मांसपेशियां ग्लूकोज का इस्तेमाल ऊर्जा के लिए करती हैं। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाली बढ़ोतरी को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके उलट, अगर आप लंबे समय तक बैठे रहते हैं, तो मांसपेशियों की सक्रियता कम रहती है। इसका मतलब यह नहीं है कि खाना खाने के बाद थोड़ी देर लेटते ही शुगर खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगी। ब्लड शुगर पर कई चीजों का असर पड़ता है। फिर भी, खाने के बाद हल्की शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शामिल करना एक आसान और उपयोगी कदम हो सकता है।
खाने के बाद सिर्फ 10 से 15 मिनट टहलने से क्या होगा
अगर आप खाना खाने के बाद तुरंत बैठने या लेटने के बजाय कुछ मिनट धीरे-धीरे चलते हैं, तो इससे शरीर को कई तरह से फायदा मिल सकता है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद
खाने के बाद टहलने से मांसपेशियां ग्लूकोज का इस्तेमाल करने लगती हैं। इससे भोजन के बाद ब्लड शुगर में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को कम करने में मदद मिल सकती है। यह आदत खासकर टाइप-2 डायबिटीज या प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है।
शरीर में सुस्ती कम हो सकती है
भारी खाना खाने के बाद कई लोगों को आलस और नींद महसूस होती है। हल्की सैर करने से शरीर सक्रिय रहता है और कुछ लोगों को भोजन के बाद होने वाली सुस्ती कम महसूस हो सकती है।
खाने के बाद आराम से चलना कुछ लोगों के लिए पाचन को आरामदायक बना सकता है। हालांकि, अगर आपको एसिडिटी या सीने में जलन की समस्या है, तो अपनी परेशानी के हिसाब से गतिविधि चुनें। खाना खाने के तुरंत बाद तेज दौड़ने या कठिन एक्सरसाइज करने से बचें।
रोजाना की शारीरिक गतिविधि बढ़ेगी
दिन में तीन बार भोजन के बाद 10 मिनट की सैर करने से आपकी दिनचर्या में अतिरिक्त शारीरिक गतिविधि जुड़ सकती है। नियमित रूप से सक्रिय रहने से लंबे समय में ब्लड शुगर नियंत्रण और हृदय स्वास्थ्य को फायदा मिल सकता है।
क्या रोजाना 30 से 45 मिनट टहलना भी जरूरी है?
खाने के बाद थोड़ी देर टहलना फायदेमंद है, लेकिन बेहतर स्वास्थ्य के लिए पूरे दिन सक्रिय रहना भी जरूरी है। केवल 10 मिनट की सैर को ही पर्याप्त व्यायाम नहीं मानना चाहिए। वयस्कों को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। आमतौर पर सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज, जैसे तेज चाल से चलना, करने की सलाह दी जाती है। इसे सप्ताह के अलग-अलग दिनों में बांटा जा सकता है। आप चाहें तो सुबह या शाम को 30 मिनट टहलने की आदत बना सकते हैं। अगर एक साथ इतना समय निकालना मुश्किल हो, तो दिनभर में छोटे-छोटे हिस्सों में भी चल सकते हैं। नियमितता सबसे ज्यादा मायने रखती है। नियमित व्यायाम से शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता बेहतर हो सकती है। इससे शरीर को ग्लूकोज का इस्तेमाल करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, सक्रिय रहने से वजन नियंत्रित रखने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
घुटनों में दर्द है तो क्या करें
जिन लोगों को घुटनों में दर्द, गठिया या चलने-फिरने में परेशानी होती है, उनके लिए हर बार पैदल चलना आसान नहीं होता। ऐसे लोगों को अपनी परेशानी को नजरअंदाज करके जबरदस्ती टहलने की जरूरत नहीं है। वे डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से अपने लिए सुरक्षित गतिविधि चुन सकते हैं। जरूरत के अनुसार कुर्सी पर बैठकर हाथ-पैर चलाने वाली हल्की एक्सरसाइज या दूसरी कम प्रभाव वाली गतिविधियां विकल्प हो सकती हैं। अगर चलने से घुटनों का दर्द बढ़ता है, तो पहले इसकी वजह जानना जरूरी है। अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना और दर्द बढ़ने पर रुक जाना बेहतर है।
दिल के मरीज इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपको दिल की बीमारी है, सांस फूलती है या शारीरिक गतिविधि के दौरान सीने में दर्द होता है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के नई एक्सरसाइज शुरू न करें। अपनी बीमारी और फिटनेस के अनुसार गतिविधि की सही मात्रा तय करना जरूरी है। अगर टहलते समय सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना, चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो गतिविधि रोक दें और तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। सीने में तेज दर्द या गंभीर सांस की परेशानी होने पर आपातकालीन सहायता लें।
ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए इन आदतों पर भी दें ध्यान
खाने की मात्रा पर रखें नजर: एक बार में बहुत ज्यादा खाना खाने के बजाय संतुलित मात्रा में भोजन करें। अपनी जरूरत के अनुसार डाइट तय करें।
फाइबर से भरपूर चीजें खाएं: सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और अन्य फाइबर वाले खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा बनाएं।
मीठे पेय पदार्थों से बचें: मीठे शरबत, सॉफ्ट ड्रिंक्स और ज्यादा चीनी वाली चाय-कॉफी का सेवन सीमित रखें।
लंबे समय तक लगातार न बैठें: अगर आपका काम बैठकर करने वाला है, तो बीच-बीच में उठकर कुछ मिनट चलें।
पर्याप्त नींद लें: नियमित और पर्याप्त नींद भी बेहतर स्वास्थ्य और ब्लड शुगर नियंत्रण के लिए जरूरी है।
दवाएं समय पर लें: अगर आपको डायबिटीज है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें और ब्लड शुगर की जांच करवाते रहें। केवल टहलने के भरोसे दवाएं बंद न करें।
ध्यान रखें
खाना खाने के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की सैर ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है, लेकिन यह डायबिटीज का इलाज नहीं है। इसका फायदा हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। सही खानपान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज को साथ लेकर चलना जरूरी है।
अगर आपका ब्लड शुगर बार-बार बढ़ता है, तो इसे सिर्फ खाने के बाद टहलने से ठीक करने की कोशिश न करें। डॉक्टर से सलाह लेकर अपनी डाइट, दवाओं और दिनचर्या की समीक्षा करवाएं।


