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दलेर मेहंदी विवाद में सुबोध उनियाल का बड़ा बयान, बोले- माफी मांगने का सवाल ही नहीं

डेस्क: उत्तराखंड (Uttarakhand) के कुंजापुरी मेले (Kunjapuri Fair) में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) से जुड़े विवाद पर मंत्री सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) ने अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने गायक से माफी नहीं मांगी है। यह बयान उस दावे के बाद आया है, जिसमें दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह (Mika Singh) ने कहा था कि मंत्री ने उनके भाई से माफी मांग ली है। सुबोध उनियाल ने इस दावे को गलत बताते हुए माफी मांगने की बात से इनकार किया है।
इस विवाद की शुरुआत कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में मौजूद मंत्री सुबोध उनियाल ने गायक की परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए थे। इसके बाद मामला बढ़ गया और गायक के साथ मंत्री के व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। घटना के बाद मीका सिंह ने अपने भाई का समर्थन करते हुए मंत्री से माफी मांगने की मांग की थी।
माफी के सवाल पर सुबोध उनियाल ने स्पष्ट कहा कि उनके लिए माफी मांगने का कोई प्रश्न नहीं है। उनका तर्क है कि जब उन्होंने कोई अपराध नहीं किया, तो उन्हें माफी क्यों मांगनी चाहिए। उनके इस बयान से मीका सिंह की ओर से किए गए दावे और मंत्री के पक्ष के बीच मतभेद सामने आया है।
मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हस्तक्षेप किया था। उन्होंने दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत की थी और मंत्री की ओर से माफी मांगी थी। इसके बावजूद सुबोध उनियाल ने स्वयं गायक से माफी मांगने की बात स्वीकार नहीं की है। इस तरह विवाद में मुख्यमंत्री की ओर से की गई पहल और मंत्री के अपने बयान के बीच अंतर स्पष्ट दिखाई देता है।
दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर सुबोध उनियाल ने पहले भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि गायक कार्यक्रम में ठीक से प्रस्तुति नहीं दे रहे थे, शराब पीकर आए थे और लिप-सिंक कर रहे थे। मंत्री ने यह भी कहा था कि कलाकार को कार्यक्रम के लिए भुगतान किया गया था, लेकिन उनकी प्रस्तुति दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। ये आरोप मंत्री की ओर से लगाए गए थे और विवाद के प्रमुख कारणों में शामिल रहे।
सुबोध उनियाल ने गायक की तबीयत का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि यदि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था। यदि वह आए थे, तो आयोजकों और वहां मौजूद लोगों को पहले ही अपनी परेशानी के बारे में बता देना चाहिए था। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति की तबीयत केवल उसका चेहरा देखकर नहीं जानी जा सकती।
मंत्री ने यह सवाल भी उठाया था कि आखिर इस पूरे मामले में गलती किसकी है। उनके अनुसार, माफी उसी व्यक्ति को मांगनी चाहिए जिसने गलती की हो। दूसरी ओर, मीका सिंह ने अपने भाई के साथ हुए व्यवहार पर आपत्ति जताई थी और मंत्री से माफी की मांग की थी।

फिलहाल, कुंजापुरी मेले में शुरू हुआ यह विवाद माफी को लेकर दिए गए अलग-अलग बयानों के कारण चर्चा में है। मीका सिंह की ओर से मंत्री के माफी मांगने का दावा किया गया, जबकि सुबोध उनियाल ने इसे खारिज कर दिया है। दोनों पक्षों के बयानों के बीच यही मतभेद इस मामले का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।

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