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इजरायल चुनाव के रुझानों में फंसा बहुमत का गणित, नेतन्याहू गठबंधन को सरकार के लिए 2 सीटों की जरूरत

डेस्क: इजरायल (Israel) के राष्ट्रीय चुनाव (National Elections) के बाद सामने आए एग्जिट पोल (Exit poll) और शुरुआती रुझानों ने सरकार गठन को लेकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Prime Minister Benjamin Netanyahu) के गठबंधन को सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों के बहुमत तक पहुंचने के लिए दो और सीटों की जरूरत बताई जा रही है। चुनाव के बाद सामने आए एग्जिट पोल में नेतन्याहू गठबंधन को 59 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे को 49 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मतगणना जारी रहने के कारण अंतिम नतीजों में बदलाव हो सकता है।
यह चुनाव 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान तथा ईरान में चले संघर्ष के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव बताया गया है। इसमें नेतन्याहू के सामने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और इजरायल की सेना के पूर्व प्रमुख गादी आइजनकोट समेत कई प्रमुख विपक्षी नेता हैं।
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी आगे, गठबंधन बहुमत से पीछे
मतगणना के शुरुआती रुझानों में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे आगे चल रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 35.6 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद लिकुड को 29 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, आइजनकोट की याशर पार्टी 20 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर बताई गई है।
कुल 120 सीटों वाली इजरायली संसद में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का बहुमत जरूरी है। शुरुआती आंकड़ों में नेतन्याहू समर्थक गठबंधन के खाते में 59 सीटें दिखाई गई हैं, जबकि नेतन्याहू विरोधी गठबंधन को 46 सीटें मिली हैं। जॉइंट लिस्ट को 11 और रा’म पार्टी को चार सीटें मिलने की बात कही गई है।
केंद्रीय चुनाव समिति के आंकड़ों के मुताबिक, 12 लाख से अधिक वोटों की गिनती के बाद लिकुड को वैध मतों में 23.36 प्रतिशत वोट मिले थे। आइजनकोट की याशर पार्टी को 15.74 प्रतिशत और नफ्ताली बेनेट की पार्टी को 8.53 प्रतिशत वोट मिलने की जानकारी दी गई।

एग्जिट पोल के बाद समर्थकों के साथ जश्न
एग्जिट पोल में अपने गठबंधन को बढ़त मिलने के अनुमान के बाद नेतन्याहू ने समर्थकों के साथ जश्न मनाया। शुरुआती मतगणना में भी उनके गठबंधन को बढ़त मिलती दिखाई दी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से वह पीछे रहा।
चुनाव के अंतिम नतीजों के लिए मतगणना पूरी होने का इंतजार है। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-सा गठबंधन 61 सीटों का आंकड़ा पार कर सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचेगा।
अरब पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाने के खिलाफ नेतन्याहू
नेतन्याहू ने अरब पार्टियों के समर्थन से सरकार बनाने की संभावना का विरोध किया है। अल जजीरा के मुताबिक, उन्होंने विपक्ष पर अरब पार्टियों के सहारे सरकार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल में एकजुट ‘जायोनी बहुमत’ होना चाहिए। उन्होंने अरब पार्टियों पर इजरायल के अस्तित्व के खिलाफ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ गठबंधन बनाना शर्मनाक है और ऐसा नहीं होना चाहिए।
77.7 प्रतिशत मतदान, दो दशक से ज्यादा समय का रिकॉर्ड
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार 77.7 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह दो दशक से अधिक समय में सबसे ऊंचा मतदान प्रतिशत बताया गया है। वर्ष 2022 के चुनाव की तुलना में मतदान करीब सात प्रतिशत अंक ज्यादा रहा।
चुनाव में देश की सुरक्षा, गाजा और हमास के खिलाफ कार्रवाई, सैन्य सेवा तथा न्यायिक सुधार प्रमुख मुद्दे रहे। इन मुद्दों के बीच नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति और सरकार गठन के लिए जरूरी बहुमत पर सभी की नजरें टिकी हैं। अंतिम परिणाम आने में कई दिन लग सकते हैं।

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