डेस्क: बैंक में पैसा जमा करने का सबसे बड़ा कारण उसकी सुरक्षा और जरूरत के समय आसानी से रकम निकाल पाने का भरोसा होता है लेकिन बैंकिंग सिस्टम में करोड़ों रुपए के कथित अनधिकृत ट्रांजैक्शन का मामला सामने आया है। मामला मुंबई के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से जुड़ा है, जहां बैंक ने तीन दिनों के भीतर 187 संदिग्ध ट्रांजैक्शन के जरिए 13.96 करोड़ रुपए ट्रांसफर होने की शिकायत की है।
बैंक के मुताबिक, यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास मौजूद उसके सेटलमेंट अकाउंट से निकाली गई। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के व्यक्तिगत सेविंग अकाउंट से सीधे पैसे कटने की पुष्टि नहीं हुई है।
तीन दिन में हुए 187 संदिग्ध ट्रांजैक्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये ट्रांजैक्शन 15 से 17 अक्टूबर के बीच हुए। बैंक की शिकायत के मुताबिक, 15 अक्टूबर को छह, 16 अक्टूबर को 88 और 17 अक्टूबर को 93 ट्रांजैक्शन किए गए। इस तरह कुल 187 ट्रांजैक्शन के जरिए 36 अलग-अलग बैंकों के खातों में करीब 13.96 करोड़ रुपए भेजे गए।
बैंक की आंतरिक जांच में इन ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड सामान्य बैंकिंग सिस्टम में नहीं मिला। इनमें शाखाओं के रिकॉर्ड, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, कोर बैंकिंग सिस्टम और RTGS सेटलमेंट रिकॉर्ड शामिल हैं।
बैंकिंग सिस्टम में सेंध का शक
शिकायत में IFTAS के सेंट्रल SFMS सर्वर तक अनधिकृत पहुंच बनाए जाने की आशंका जताई गई है। IFTAS, RBI की सहायक कंपनी है। SFMS यानी स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल मैसेजिंग सिस्टम बैंकों के बीच वित्तीय लेनदेन से जुड़े संदेशों के सुरक्षित आदान-प्रदान में मदद करता है।
यदि भुगतान से जुड़े सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बनाई गई है, तो यह बैंकिंग सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला हो सकता है। हालांकि, घटना के कारण और जिम्मेदार लोगों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
क्या ग्राहकों को अपना PIN और पासवर्ड बदलना चाहिए?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर ग्राहकों के व्यक्तिगत खातों से सीधे रकम कटने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए घबराकर खाता बंद करने की जरूरत नहीं है।
फिर भी, ग्राहकों को अपने बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन अलर्ट नियमित रूप से जांचने चाहिए। किसी भी अनजान लेनदेन की जानकारी मिलने पर तुरंत बैंक को सूचित करें। OTP, ATM PIN और इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।


