डेस्क: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (World Test Championship) 2025-27 के फाइनल की दौड़ में ऑस्ट्रेलिया (Australia) की स्थिति और मजबूत हो गई है। दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ डरबन टेस्ट (Durban Test) में 214 रन से जीत दर्ज करने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इस परिणाम से दक्षिण अफ्रीका तीसरे स्थान पर खिसक गया, जबकि न्यूजीलैंड (New Zealand) दूसरे नंबर पर पहुंच गया। भारतीय टीम 51.52 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें स्थान पर बनी हुई है।
ऑस्ट्रेलिया ने मौजूदा चक्र में अब तक 11 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उसे नौ मुकाबलों में जीत मिली है। टीम के खाते में 108 अंक हैं और उसका अंक प्रतिशत 81.82 हो गया है। न्यूजीलैंड छह टेस्ट में चार जीत, एक हार और एक ड्रॉ के साथ 72.22 प्रतिशत अंक लेकर दूसरे स्थान पर है। दक्षिण अफ्रीका ने पांच मैचों में तीन जीत और दो हार दर्ज की हैं। उसके 36 अंक हैं और अंक प्रतिशत 60 है।
भारतीय टीम ने अब तक 11 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें पांच जीत, चार हार और दो ड्रॉ के साथ उसके 68 अंक हैं। भारत का अंक प्रतिशत 51.52 है। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से जीतने के बावजूद भारतीय टीम की तालिका में स्थिति नहीं बदली है। चौथे स्थान पर मौजूद बांग्लादेश के छह मैचों में तीन जीत, दो हार और एक ड्रॉ के बाद 55.56 प्रतिशत अंक हैं।
अंक तालिका में इंग्लैंड छठे स्थान पर है। उसने 16 मैचों में सात जीत, आठ हार और एक ड्रॉ दर्ज किया है। उसके 74 अंक हैं, लेकिन धीमी ओवर गति के कारण 14 अंक काटे गए हैं। श्रीलंका 33.33 प्रतिशत अंकों के साथ सातवें, वेस्टइंडीज 20.83 प्रतिशत के साथ आठवें और पाकिस्तान 4.63 प्रतिशत अंकों के साथ नौवें स्थान पर है। वेस्टइंडीज के दो और पाकिस्तान के नौ अंक पेनल्टी के रूप में काटे गए हैं।
भारत के पास फाइनल में जगह बनाने के लिए अभी सात टेस्ट मैच बाकी हैं। इनमें दो मुकाबले न्यूजीलैंड के खिलाफ उसकी धरती पर और पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय मैदानों पर खेले जाने हैं। इन मैचों के परिणाम भारत की क्वालिफिकेशन की संभावनाओं के लिए निर्णायक होंगे। टीम को न केवल लगातार जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि अन्य दावेदारों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में टीमों की रैंकिंग कुल अंकों के बजाय अंक प्रतिशत यानी पीसीटी के आधार पर तय होती है। जीत पर 12 अंक, ड्रॉ पर चार और मुकाबला टाई होने पर छह अंक मिलते हैं। धीमी ओवर गति के कारण टीमों के अंक काटे जा सकते हैं। चक्र के अंत में अंक तालिका में शीर्ष दो स्थान हासिल करने वाली टीमें फाइनल खेलती हैं।
अगर भारत अपने बाकी सभी सात टेस्ट जीत लेता है, तो उसका अंक प्रतिशत 70.37 तक पहुंच सकता है। मौजूदा गणना के अनुसार, भारत के 18 टेस्ट में संभावित 152 अंक होंगे, जबकि अधिकतम उपलब्ध अंक 216 हैं। हालांकि, केवल यह प्रतिशत हासिल करना फाइनल में जगह की गारंटी नहीं है, क्योंकि दूसरी टीमों के परिणाम भी अंतिम स्थिति तय करेंगे।
ऑस्ट्रेलिया भारत के लिए प्रमुख चुनौती बना हुआ है। अगर ऑस्ट्रेलिया अपने शेष मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करता है, तो उसका अंक प्रतिशत भारत के संभावित प्रतिशत से अधिक रह सकता है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाकी मुकाबलों के नतीजे भी भारतीय टीम के समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया की हार और भारत की जीत से दोनों टीमों के बीच अंतर कम हो सकता है।
यूजीलैंड भी भारत की राह में चुनौती पेश कर सकता है। उसके पास अभी दस टेस्ट मैच बाकी हैं और मौजूदा 72.22 प्रतिशत अंक उसे मजबूत स्थिति में रखते हैं। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों टेस्ट जीतने के साथ ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध घरेलू सीरीज में भी प्रभावशाली प्रदर्शन करना होगा। ऐसे में सात मैचों में जीत और अन्य टीमों के नतीजे मिलकर तय करेंगे कि भारतीय टीम 2027 के फाइनल तक पहुंच पाएगी या नहीं।


