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कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, सीटी और अफवाह से बेकाबू हुई भीड़, मंत्री ने बताई हादसे की वजह

डेस्क: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजधानी कोलकाता (Kolkata) के उत्तरी हिस्से में स्थित चोरबागन दुर्गा पूजा पंडाल (Chorbagan Durga Puja Pandal) में महासप्तमी के दिन दर्दनाक हादसा हो गया। पंडाल के पास अचानक भीड़ बढ़ने और भगदड़ मचने से 17 लोगों की मौत होने और करीब 40 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया। राज्य सरकार ने भी हादसे के मद्देनजर अपने आगामी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।
राज्य के मंत्री उमेश राय ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि महासप्तमी के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बड़ी तादाद में लोग चोरबागन पंडाल के आसपास जमा हो गए। इसी बीच भीड़ में अचानक अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
सीटी बजने या घोषणा के बाद बढ़ी भीड़
मंत्री उमेश राय के मुताबिक, बारिश से बचने के लिए जुटे लोगों के बीच किसी ने संभवतः सीटी बजाई या कोई घोषणा की, जिसके बाद लोगों को पंडाल के अंदर जाने का संकेत मिलने की बात फैल गई। इसके बाद अचानक बड़ी संख्या में लोग अंदर जाने के लिए आगे बढ़े और भीड़ बेकाबू हो गई। इसी अफरा-तफरी के बीच भगदड़ मच गई।
मंत्री के बयान के अनुसार, किसी संकेत या अफवाह के कारण पैदा हुई स्थिति हादसे की वजह बनी। हालांकि, घटना के पूरे घटनाक्रम और उसके कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया, छह मृतकों की पहचान
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और राहत दल मौके पर पहुंचे। घायलों को निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने घायलों की हालत स्थिर बताई है और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। अब तक छह मृतकों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है।
मुख्यमंत्री अस्पताल पहुंचीं, सरकारी कार्यक्रम रद्द
घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचीं। दी गई जानकारी के अनुसार, वह करीब ढाई घंटे से अस्पताल में मौजूद थीं और उपचार करा रहे लोगों के साथ उनके परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधा रही थीं।
इस हादसे के बाद राज्य सरकार ने अपने आगामी कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए। सरकार की ओर से कहा गया है कि इस कठिन समय में प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे जल्द स्वस्थ होकर घर लौट सकें।

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