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नीला ड्रम हत्याकांड: पति सौरभ के टुकड़े करने वाली मुस्कान और प्रेमी साहिल को आज होगी सजा, देश की निगाहें कोर्ट के फैसले पर

डेस्क: ब्रह्मपुरी में सौरभ राजपूत (Saurabh Rajput) की हत्या करने वाली पत्नी मुस्कान रस्तोगी (Muskan Rastogi) और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला (Sahil Shukla) को बुधवार को उनके गुनाह की सजा मिलेगी। तीन मार्च 2025 की रात दोनों ने सौरभ की न केवल हत्या की थी, बल्कि उसके शव के टुकड़े नीले ड्रम (Blue Drum) में भरकर सीमेंट से चिन दिए थे। इसके बाद दोनों हिमाचल प्रदेश में घूमने चले गए थे। इस वारदात के बाद मेरठ समेत देशभर में सड़क से सोशल मीडिया तक लोगों में आक्रोश था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी करार दिया था।
इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत ने ब्रह्मपुरी निवासी मुस्कान रस्तोगी से 2016 में प्रेम विवाह किया था। सौरभ लंदन में नौकरी करते थे और पत्नी मुस्कान मेरठ में किराए के मकान में रहती थी। इसी दौरान मुस्कान के अपने पुराने दोस्त साहिल शुक्ला से करीबी संबंध बन गए। 24 फरवरी 2025 को सौरभ अपनी छह साल की बेटी पीहू और पत्नी मुस्कान का जन्मदिन मनाने के लिए लंदन से आए थे।

इस दौरान सौरभ को मुस्कान और साहिल शुक्ला के संबंधों की भनक लग गई थी और वह विरोध करने लगा था। संबंधों में बाधा बनने पर मुस्कान ने नशे की गोलियां देने के बाद प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की तीन मार्च 2025 की रात हत्या कर दी थी।
साक्ष्य मिटाने के लिए की क्रूरता
साक्ष्य मिटाने के लिए मुस्कान और साहिल ने जो क्रूरता करते हुए तरीका अपनाया था, इसे जिसने भी सुना सहम गया था। हत्या के बाद दोनों ने सौरभ के सिर को चाकू और उस्तरे से धड़ से अलग कर दिया और दोनों हाथों की कलाइयां काट दी थीं।
इसके बाद बाजार से अनाज रखने के बहाने नीला प्लास्टिक का ड्रम, सीमेंट, बालू और डस्ट खरीदकर लाए थे। सौरभ के शव के कटे हुए टुकड़ों को पॉलिथीन में लपेटकर नीले ड्रम में रख दिया। दुर्गंध रोकने के लिए ड्रम के ऊपर सीमेंट और डस्ट का भारी घोल डालकर उसे चिन दिया था।
हिमाचल प्रदेश से लौटने पर हुआ था खुलासा
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और कसौल घूमने चले गए थे। मुस्कान अपने साथ सौरभ का मोबाइल भी लेकर गई थी। वह यह दर्शाना चाहती थी कि वह सौरभ के साथ घूमने गई थी।
दोनों के वहां से लौटने पर 18 मार्च को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया था। 12 मई 2025 को जांच पूरी कर करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। गवाहों और साक्ष्यों की कड़ी अभियोजन पक्ष जोड़ने में कामयाब रहा था। इसके चलते अदालत ने दोनों को दोषी माना था।
सौरभ के परिजन बोले- फांसी नहीं हुई तो जाएंगे हाईकोर्ट
सौरभ की मां रेनू देवी मुस्कान और साहिल को फांसी दिलाने के लिए घर में पूजा-अर्चना कर रही हैं। उनका कहना है कि अगर उन्हें फांसी नहीं होती तो वह सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। दोनों को कड़ी सजा दी जाएगी। भाई बबलू ने बताया कि उनके पिता मुन्ना लाल को सौरभ की हत्या से सदमा पहुंचा है। इसलिए वह उनको मीडिया के सामने नहीं लाना चाहते।

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