नगर निगम की भूमि को कब्जामुक्त करवाने के लिए निगमायुक्त सलोनी शर्मा सख्त, कच्चे कब्जे हटाने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम।

निगम की शत-प्रतिशत भूमि की होगी जी.आई.एस. मैपिंग, भूमि संपत्ति प्रबंधन पोर्टल पर 192 संपत्तियों का डाटा दर्ज।
पिंगली डेयरी परियोजना के फेज-2 की निशानदेही 15 दिन में पूरी करने के निर्देश, उपलब्ध सुविधाओं वाले प्लॉटों की ई-ऑक्शन जल्द करवाएं- निगमायुक्त।

करनाल 13 अक्टूबर, नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने निगम की भूमि को सुरक्षित करने, सरकारी संपत्तियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने तथा राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से भूमि एवं राजस्व शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मंगलवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर निगम की भूमि, भूमि संपत्ति प्रबंधन पोर्टल, जीआईएस मैपिंग तथा पिंगली डेयरी परियोजना सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। निगमायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर निगम की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त करवाने, संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और राजस्व अर्जित करने के कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नगर निगम की भूमि से छोटे-बड़े सभी अवैध कब्जे हटाने के निर्देश।
निगमायुक्त ने भूमि शाखा के अधिकारियों से नगर निगम की भूमि पर मौजूद कब्जों की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि निगम की जमीन को सुरक्षित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कब्जा छोटा हो या बड़ा, सभी प्रकार के अवैध कब्जों को हटवाना सुनिश्चित किया जाए। जिन स्थानों पर नगर निगम द्वारा विकास कार्य करवाए जाने प्रस्तावित हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कब्जे हटाए जाएं, ताकि विकास कार्यों को बिना किसी बाधा के शुरू करवाया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कब्जे हटाने की कार्रवाई ठोस रणनीति और प्रभावी तरीके से की जाए। विशेष रूप से गांवों में स्थित जोहड़ों को कब्जामुक्त करवाने पर ध्यान दिया जाए, ताकि इन सार्वजनिक जलस्रोतों की भूमि को सुरक्षित रखा जा सके। निगमायुक्त ने कच्चे कब्जों को हटाने के लिए अधिकारियों को 15 दिन का समय देते हुए निर्धारित अवधि में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को नगर निगम की भूमि पर प्रस्तावित विकास योजनाओं का विवरण भी एकत्रित करने को कहा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस स्थान पर निगम की जमीन उपलब्ध है और वहां भविष्य में किस प्रकार के विकास कार्य करवाए जा सकते हैं।
82 एकड़ भूमि पट्टे पर दी, शेष भूमि की ई-ऑक्शन प्रक्रिया तेज करने के निर्देश।
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने नगर निगम की भूमि को पट्टे पर देने की स्थिति की भी समीक्षा की। संयुक्त आयुक्त दलजीत सिंह ने जानकारी दी कि नगर निगम की 82 एकड़ भूमि पट्टे पर दी जा चुकी है, जबकि 46 एकड़ भूमि अधिक दर होने के कारण किसी किसान द्वारा पट्टे पर नहीं ली गई है। इस पर निगमायुक्त ने भूमि अधीक्षक को निर्देश दिए कि शेष भूमि को ई-ऑक्शन के माध्यम से पट्टे पर देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि आगामी फसल की बुआई से पहले इस भूमि को पट्टे पर देने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि भूमि का उचित उपयोग हो सके और नगर निगम को राजस्व भी प्राप्त हो।
उन्होंने बताया कि ई-ऑक्शन पोर्टल के संचालन के संबंध में संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है। प्रशिक्षण का लाभ उठाते हुए ई-ऑक्शन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
नगर निगम की शत-प्रतिशत भूमि की होगी जीआईएस मैपिंग।
नगर निगम की संपत्तियों का सटीक और व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर देते हुए निगमायुक्त ने जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) मैपिंग का कार्य देख रहे विशेषज्ञों को निर्देश दिए कि नगर निगम की शत-प्रतिशत भूमि की मैपिंग की जाए। इसमें निगम की सभी प्रकार की भूमि और संपत्तियों को शामिल किया जाए, ताकि प्रत्येक संपत्ति की स्थिति, सीमा और उपलब्ध जानकारी का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार हो सके।

उन्होंने कहा कि जीआईएस मैपिंग में भूमि की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ उसकी पूर्व स्थिति को भी दर्शाया जाए। इससे भूमि से संबंधित रिकॉर्ड को बेहतर ढंग से समझने, संभावित अतिक्रमण की पहचान करने तथा भविष्य की विकास योजनाओं को तैयार करने में मदद मिलेगी।
निगमायुक्त ने इस कार्य की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि संयुक्त आयुक्त प्रतिदिन जीआईएस मैपिंग की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने निर्धारित समय में कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने पर जोर दिया।
भूमि संपत्ति प्रबंधन पोर्टल पर 192 संपत्तियों का डाटा दर्ज।
बैठक में भूमि संपत्ति प्रबंधन पोर्टल पर दर्ज किए जा रहे डाटा की भी समीक्षा की गई। संबंधित विशेषज्ञ ने जानकारी दी कि पोर्टल पर अब तक 192 संपत्तियों का डाटा दर्ज किया जा चुका है तथा लगभग 425 एकड़ भूमि का रिकॉर्ड अपडेट किया गया है। इस पोर्टल में नगर निगम की भूमि, भवन, रास्ते, पार्क, दुकानें, शमशान घाट, जोहड़ सहित विभिन्न प्रकार की संपत्तियों का विवरण शामिल किया जा रहा है। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित, सटीक और अद्यतन रखा जाए, ताकि आवश्यकता पडऩे पर किसी भी संपत्ति की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सके।
पिंगली डेयरी परियोजना के फेज-2 की निशानदेही 15 दिन में पूरी करने के निर्देश।
बैठक में पिंगली डेयरी परियोजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने अधिकारियों से फेज-1 और फेज-2 में निशानदेही, प्लॉट आवंटन तथा विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि फेज-1 में निशानदेही का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि फेज-2 में निशानदेही का कार्य पूरा किया जाना शेष है।
निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि फेज-2 की निशानदेही अगले 15 दिनों में अनिवार्य रूप से पूरी की जाए। उन्होंने प्लॉट आवंटन की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि परियोजना में कुल 231 प्लॉटों में से 137 प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि 94 प्लॉटों का आवंटन किया जाना शेष है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फेज-1 और फेज-2 में जिन प्लॉटों की निशानदेही पूरी हो चुकी है तथा जहां आवश्यक विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित है, उन प्लॉटों की ई-ऑक्शन करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके बाद शेष प्लॉटों को उपलब्ध सुविधाओं और विकास कार्यों की स्थिति के अनुसार आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
डेयरी कॉम्प्लेक्स में सडक़, जलापूर्ति, बरसाती पानी निकासी व स्ट्रीट लाईट व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश।
उन्होंने ने कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि पिंगली डेयरी कॉम्प्लेक्स में सडक़, जलापूर्ति और बरसाती पानी की निकासी से संबंधित सुविधाओं को सुदृढ़ रखा जाए। उन्होंने कहा कि डेयरी संचालकों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
इसके साथ ही सहायक अभियंता (विद्युत) को फेज-2 में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कॉम्प्लेक्स में आवश्यक प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध हो सके। निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परियोजना के शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
शहर में चल रही अवैध पशु डेयरियों का सर्वे करवाने के निर्देश।
निगमायुक्त ने स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढी को निर्देश दिए कि नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में संचालित अवैध पशु डेयरियों का सर्वे करवाया जाए। सर्वे के दौरान प्रत्येक डेयरी में मौजूद पशुओं की संख्या भी दर्ज की जाए, ताकि डेयरियों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे के माध्यम से एकत्रित जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित किया जाए, जिससे आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक आधार तैयार हो सके। डेयरी सीलिंग की कार्रवाई को लेकर उन्होंने संयुक्त आयुक्त को एस.ओ.पी. तैयार करने के निर्देश दिए।
निगमायुक्त ने बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम की भूमि की सुरक्षा, संपत्तियों के डिजिटल रिकॉर्ड, राजस्व अर्जन और पिंगली डेयरी परियोजना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा में प्रगति सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
बैठक में संयुक्त आयुक्त दलजीत सिंह, उप निगम आयुक्त विनोद नेहरा, कार्यकारी अभियंता प्रदीप कल्याण, सहायक अभियंता मनजीत राठी, भूमि अधीक्षक गगनदीप सिंह, सहायक प्रदीप शर्मा, कानूनगो राम कुमार तथा संबंधित शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


