डेस्क : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली के लिए अपना संघर्ष और प्रतिरोध जारी रखेगा तथा संविधान व चुनाव प्रणाली को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों को ”न्याय का सामना” करना होगा। गांधी के आवास पर आयोजित चाय पार्टी के बाद विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला तथा आरोप लगाया कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने ”वोट चोरी” के खिलाफ आंदोलन को मिलकर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
गांधी के आवास ‘5 सुनहरी बाग रोड’ पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और आनंद भदौरिया, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष समेत विपक्ष के कई नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी गठबंधन एकजुट है और अब अलग-अलग या समानांतर प्रदर्शन नहीं होंगे।
उन्होंने कहा, ”कोई समानांतर विरोध-प्रदर्शन नहीं, सिर्फ एक प्रदर्शन है और उसका एकमात्र मिशन भारत में लोकतंत्र को बहाल करना है।” उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली को नष्ट कर दिया गया है। उनका कहना था, “हम देश में वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।”


