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दिल्ली में SIR पर सियासी संग्राम, अभिजीत दीपके और राहुल गांधी से निपटने की तैयारी में भाजपा, ये है प्‍लान

डेस्क: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) और SIR प्रक्रिया के खिलाफ दिल्ली में विपक्षी दलों (Opposition Parties) और अन्य समूहों के विरोध प्रदर्शनों के बीच सियासी हलचल तेज है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से लेकर आम आदमी पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी तक इस मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। इस बीच, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भाजपा मौजूदा हालात से निपटने के लिए राजनीतिक स्तर पर रणनीति बना रही है। इसमें प्रदर्शनकारियों, विशेषकर छात्रों और युवाओं से संवाद करने की संभावना भी शामिल है।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि भाजपा प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि, पार्टी ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह आगे कौन-से कदम उठाएगी।
राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी पर नजर
रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का राजनीतिक जवाब देने की तैयारी कर रही है। इस रणनीति में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी को निशाने पर रखने की बात कही गई है। इसके अलावा, चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखने के लिए पार्टी एक फैक्ट शीट तैयार कर रही है। इस संबंध में भाजपा की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
अखबार से बातचीत में सूत्रों ने कहा कि देश का कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है और सरकार तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार काम कर रही है। सूत्रों ने प्रदर्शन करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग के संदर्भ में कहा कि इस पद से हटाने के लिए निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।

प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन का दावा
रिपोर्ट में भाजपा से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चुनाव आयोग ने SIR को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। वहीं, सरकार ने नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में प्रदर्शनकारियों से निपटने के दौरान संयम बरता है। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया।
सूत्र ने यह भी तर्क दिया कि यदि मोदी सरकार विरोध प्रदर्शनों के अधिकार के खिलाफ होती, तो रामलीला मैदान जैसे स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती। उनके मुताबिक, निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन होने से आम लोगों को सड़कों पर होने वाली परेशानी से बचाया जा सकता है। ये दावे भाजपा से जुड़े सूत्रों के हैं। सरकार या पार्टी की ओर से इस रणनीति को लेकर अब तक औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर मंगलवार को संशय
पिछले सप्ताह से विपक्षी गठबंधन INDIA के नेता दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, मंगलवार को गठबंधन के स्तर पर नए मार्च या प्रदर्शन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, माकपा नेता एमए बेबी ने कहा कि उन्हें कांग्रेस की ओर से फोन आया था। कांग्रेस का मानना था कि सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और याचिका दाखिल करने के बाद मंगलवार को नए मार्च या प्रदर्शन की जरूरत नहीं है।
इसके बावजूद कांग्रेस से जुड़े कुछ संगठन विरोध जारी रख सकते हैं। इनमें यूथ कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) शामिल हैं। ऐसे में INDIA गठबंधन के सामूहिक प्रदर्शन और उससे जुड़े संगठनों के अलग-अलग कार्यक्रमों की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस से मांगी अनुमति
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी प्रदर्शन की तैयारी में जुटी है। पार्टी सोमवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति मांगने दिल्ली पुलिस के पास पहुंची थी। पार्टी ने पुलिस से 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन की तारीख और समय बताने की मांग की है।
CJP नेता सौरभ दास ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है और लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आमतौर पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए पहले संपर्क करने की बात कहती है। इस बार पार्टी ने तारीख और समय तय करने का फैसला पुलिस पर छोड़ दिया है।
पार्टी पदाधिकारी आशुतोष रांका ने कहा कि वे दिल्ली पुलिस से पूछ रहे हैं कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कब किया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस जल्द तारीख तय करेगी। उनके मुताबिक, अनुमति मिलने पर पार्टी 24 घंटे के भीतर निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन के लिए जुट सकती है।
पार्टी की ओर से पुलिस को दिया गया समय मंगलवार को पूरा होने के मद्देनजर प्रदर्शन की घोषणा की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में दिल्ली में SIR के मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। हालांकि, भाजपा की रणनीति, विपक्षी दलों के कार्यक्रम और CJP के प्रदर्शन को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित पक्षों की आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगी।

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