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मुकेश अंबानी फिर बने भारत के सबसे अमीर व्यक्ति, गौतम अडानी से छीना नंबर-1 का ताज

डेस्क: रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी एक बार फिर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के अनुसार, अंबानी ने संपत्ति के मामले में अडानी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब चीन की कंपनी बाइटडांस के संस्थापक झांग यिमिंग के पास है। वहीं, दुनिया के अरबपतियों की सूची में एलन मस्क शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं।

फोर्ब्स के दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, मुकेश अंबानी की अनुमानित कुल संपत्ति 78.8 अरब डॉलर है। इसके साथ वह दुनिया के अमीरों की सूची में 25वें स्थान पर हैं। दूसरी ओर, गौतम अडानी की संपत्ति 74.9 अरब डॉलर आंकी गई है।
भारत के टॉप-5 अरबपतियों में कौन-कौन?
फोर्ब्स की सूची में भारत के प्रमुख अरबपतियों में सावित्री जिंदल, लक्ष्मी मित्तल और शिव नादर भी शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनकी अनुमानित संपत्ति इस प्रकार है।

मुकेश अंबानी: 78.8 अरब डॉलर
गौतम अडानी: 74.9 अरब डॉलर
सावित्री जिंदल: 36.6 अरब डॉलर
लक्ष्मी मित्तल: 30.6 अरब डॉलर
शिव नादर: 27.4 अरब डॉलर
सावित्री जिंदल दुनिया के अरबपतियों की सूची में 64वें स्थान पर बताई गई हैं। इन आंकड़ों के आधार पर अंबानी और अडानी के बीच संपत्ति का अंतर 3.9 अरब डॉलर है।
अंबानी-अडानी को पछाड़कर झांग यिमिंग बने एशिया के सबसे अमीर शख्स
भारत के दोनों दिग्गज उद्योगपतियों को पीछे छोड़ते हुए चीन की कंपनी बाइटडांस के संस्थापक झांग यिमिंग एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। बाइटडांस टिकटॉक की मूल कंपनी है।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, झांग यिमिंग की अनुमानित संपत्ति 84 अरब डॉलर है। एशिया के अमीरों की सूची में मुकेश अंबानी दूसरे और गौतम अडानी तीसरे स्थान पर हैं।
वहीं, एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं।
हर दिन कैसे बदलती है अरबपतियों की संपत्ति?
फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट दुनिया के अरबपतियों की अनुमानित संपत्ति में होने वाले बदलावों पर नजर रखती है। इसमें उनकी नेटवर्थ, वैश्विक रैंकिंग और पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले संपत्ति में हुई बढ़ोतरी या गिरावट दिखाई जाती है।
अरबपतियों की संपत्ति का बड़ा हिस्सा कंपनियों में शेयरों के रूप में निवेश किया गया होता है। इसलिए शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का उनकी अनुमानित नेटवर्थ पर सीधा असर पड़ता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी अरबपति के पास किसी कंपनी के 10 करोड़ शेयर हैं और प्रत्येक शेयर की कीमत 1,000 रुपये है, तो उसकी हिस्सेदारी का बाजार मूल्य 10,000 करोड़ रुपये होगा। शेयर की कीमत बढ़कर 1,100 रुपये होने पर यह मूल्य 11,000 करोड़ रुपये हो जाएगा।
इस तरह शेयर की कीमत में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से हिस्सेदारी के मूल्य में 1,000 करोड़ रुपये का इजाफा हो जाएगा। हालांकि, यह कागजों पर संपत्ति के मूल्य में हुई बढ़ोतरी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अरबपति के बैंक खाते में इतनी नकदी जमा हो गई है।
हर पांच मिनट में अपडेट होती है नेटवर्थ
फोर्ब्स के मुताबिक, शेयर बाजार खुले रहने के दौरान सार्वजनिक कंपनियों में अरबपतियों की हिस्सेदारी के मूल्य को हर पांच मिनट में अपडेट किया जाता है। हालांकि, शेयरों की कीमतों के आंकड़ों में लगभग 15 मिनट की देरी हो सकती है।
इसी वजह से शेयर बाजार में तेजी या गिरावट आने पर अरबपतियों की अनुमानित संपत्ति और उनकी रैंकिंग भी बदल सकती है। शेयरों के भाव बढ़ने से नेटवर्थ में इजाफा होता है, जबकि कीमतें गिरने पर संपत्ति का अनुमानित मूल्य कम हो जाता है।
इसलिए मुकेश अंबानी, गौतम अडानी और दूसरे उद्योगपतियों की रैंकिंग को स्थायी नहीं माना जा सकता। यह बाजार की चाल और उनकी कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन के साथ बदलती रहती है।

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