डेस्क: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक विपक्ष के मार्च के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर एक महिला पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी के आरोप लगे हैं। भाजपा (BJP) नेताओं ने दावा किया है कि पत्रकार ऋचा पाराशर (Richa Parashar) तीन महीने की गर्भवती हैं और घटना के दौरान उन्हें धक्का लगने से चोट आई। भाजपा नेताओं के मुताबिक, पत्रकार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, घटना को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भाजपा विधायक उमंग बजाज ने पत्रकार से मुलाकात करने का दावा करते हुए कहा कि स्थानीय विधायक होने के नाते वह उनका हालचाल जानने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकार के साथ हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। बजाज ने कहा कि यदि कोई पत्रकार सवाल पूछता है, तो उसका जवाब दिया जाना चाहिए, न कि उसके साथ धक्का-मुक्की होनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं के सम्मान को लेकर भी राहुल गांधी पर सवाल उठाए।
भाजपा नेताओं ने लगाए धक्का देने के आरोप
भाजपा नेता राजेश भाटिया ने भी महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की का आरोप लगाया। उनके अनुसार, रात करीब आठ से साढ़े आठ बजे के बीच एक महिला उनके राजेंद्र नगर स्थित कार्यालय पहुंची थी। उसने अपनी बहन के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए मदद मांगी थी। भाटिया के मुताबिक, महिला ने बताया कि राहुल गांधी के आसपास मौजूद लोगों की धक्का-मुक्की के दौरान उसकी बहन गिर गई और उसे चोटें आईं।
भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने भी दावा किया कि ऋचा पाराशर तीन महीने की गर्भवती हैं। उन्होंने पत्रकार से अस्पताल में मुलाकात करने की बात कही।
पत्रकार ने बताई घटना की पूरी कहानी
ऋचा पाराशर के अनुसार, वह सुप्रीम कोर्ट के बाहर गेट के पास खड़ी थीं और राहुल गांधी के वहां से निकलने पर उनका बयान रिकॉर्ड करना चाहती थीं। उन्होंने बताया कि जैसे ही राहुल गांधी वहां पहुंचे, उन्होंने अपना माइक उनकी ओर बढ़ाया। आरोप है कि राहुल गांधी ने उनका माइक हटा दिया। जब अन्य लोग भी माइक लेकर आगे आए, तो उन्होंने दोबारा अपना माइक बढ़ाया।
पत्रकार का आरोप है कि इसी दौरान राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़ा और आगे की ओर खींचा। इसके बाद उनके मुताबिक, राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें खींचकर धक्का दिया, जिससे वह सीढ़ियों पर मुंह के बल गिर गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी ने उनके कैमरा पर्सन को धक्का दिया और घटना के दौरान उनका मोबाइल फोन टूट गया।
ऋचा पाराशर ने कहा कि वह लगातार लोगों से उन्हें धक्का नहीं देने की बात कह रही थीं। उनके अनुसार, गिरने के बाद चार-पांच लोग भी उनके ऊपर गिर गए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद वह किनारे बैठकर रोती रहीं, लेकिन तत्काल कोई उनकी मदद के लिए नहीं आया।
गर्दन और हाथ में चोट लगने का दावा
पत्रकार ने बताया कि घटना के बाद उनके पति और बहन वहां पहुंचे। उनके मुताबिक, गर्दन और हाथ में चोट लगी है तथा पूरे शरीर में दर्द हो रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में रहने की सलाह दी है।
ऋचा पाराशर ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह पत्रकार के तौर पर अपना काम कर रही थीं और केवल राहुल गांधी का बयान लेना चाहती थीं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार
घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में राहुल गांधी के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई देती है। भाजपा नेताओं ने इस घटना को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं, जबकि पत्रकार ने भी अपने साथ कथित तौर पर हुई धक्का-मुक्की का विवरण दिया है।
फिलहाल, घटना को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी के लिए वीडियो तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।


