डेस्क: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य सरकार की नौकरियों में पारदर्शी भर्ती का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनका प्रशासन ऐसी कोई भी गड़बड़ी नहीं होने देगा, जिससे नियुक्तियों को लेकर अदालती मुकदमे हों। मुख्यमंत्री ने यहां पांच सितारा होटल का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ”मैं यह सुनिश्चित करने का वादा करता हूं कि यह सरकार ऐसा कुछ भी नहीं होने देगी जिससे सरकारी नियुक्तियों में अदालती मुकदमों की नौबत आए।” पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुई भर्ती प्रक्रियाएं कानूनी विवादों में घिरी रहीं और उच्चतम न्यायालय ने स्कूल भर्ती के तहत की गईं लगभग 26,000 नियुक्तियों को रद्द कर दिया।
उन्होंने कहा, ”हम उम्मीदवारों को उनकी काबिलियत के आधार पर नौकरियां देंगे।” साथ ही, उन्होंने कहा कि उनके शासन के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कोई राजनीतिक दखलअंदाजी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को निजी क्षेत्र के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में भी मौके मिलने चाहिए। उन्होंने वादा किया कि राज्य में भाजपा शासन के एक साल के अंदर एक लाख नौकरियां दी जाएंगी।
शुभेंदु ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार राज्य के विकास के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने कार्यभार संभालने के 50 दिन के भीतर ही भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी ज़्यादातर जमीन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दी।


