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बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट: नासिक के कुंभ मेला इलाके के पास पानी में मिला कैंसर फैलाने वाले टॉक्सिन

डेस्क: महाराष्ट्र के नासिक से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर रिपोर्ट सामने आई है। यहां के अंबाद इंडस्ट्रियल इलाके के ग्राउंडवॉटर (धरातल के नीचे का पानी) में कैंसर पैदा करने वाले खतरनाक केमिकल Hexavalent Chromium की मात्रा बहुत ज़्यादा पाई गई है। यह सनसनीखेज खुलासा आने वाले कुंभ मेले से ठीक पहले हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों की सेहत और पवित्र गोदावरी नदी की शुद्धता पर बड़ा संकट मंडराता दिख रहा है।

‘साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपल’ (SANDRP) नाम के एक स्वतंत्र पर्यावरण नेटवर्क ने इस पानी की लैब में जांच करवाई है। लैब टेस्ट के दौरान ग्राउंडवॉटर के एक सैंपल में क्रोमियम-6 की मात्रा 50.3 मिलीग्राम प्रति लीटर (mg/L) निकली। जबकि ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के नियमों के मुताबिक, पीने के पानी में इसकी सुरक्षित सीमा मात्र 0.05 mg/L होनी चाहिए।

  पानी में इस ज़हर की मात्रा तय सीमा से 1,000 गुना से भी ज़्यादा 
नेटवर्क द्वारा 8 अक्टूबर को जारी बयान के अनुसार, रिपोर्ट की गई मात्रा तय सीमा से 1,000 गुना से भी ज़्यादा है। यह सैंपल अंबाद इलाके से लिया गया था, जहां के निवासियों ने बोरवेल से पीले रंग का पानी निकलने की शिकायत की थी। SANDRP ने कहा कि यह प्रदूषण अंबाद महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) ज़ोन में होने वाली इंडस्ट्रियल गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है, जिसमें इलेक्ट्रोप्लेटिंग, मेटल फिनिशिंग और पेंट बनाना शामिल है। हालाँकि, प्रदूषण के स्रोत की पुष्टि के लिए आधिकारिक जाँच की ज़रूरत है।

हेक्सावेलेंट क्रोमियम क्या है?
हेक्सावेलेंट क्रोमियम (जिसे क्रोमियम-6 भी कहते हैं) मेटल क्रोमियम का एक बेहद ज़हरीला केमिकल रूप है। फैक्ट्रियों का गंदा और बिना ट्रीट किया हुआ पानी जब ज़मीन में जाता है, तो यह पर्यावरण और पानी को दूषित कर देता है।
कैंसर का खतरा:
‘इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर’ क्रोमियम-6 को इंसानों के लिए कार्सिनोजेनिक (यानी कैंसर पैदा करने वाला) मानती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके संपर्क में आने (खासकर सांस या पानी के ज़रिए शरीर के अंदर जाने) से कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
त्वचा की गंभीर बीमारियां:
रिपोर्ट के मुताबिक, इस दूषित पानी के संपर्क में आने से बच्चों समेत कई स्थानीय लोगों को त्वचा पर रैशेज़, छाले और दर्दनाक घाव जैसी शिकायतें हुई हैं।
महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याएं: 
इस बस्ती की महिलाओं में लिम्फ नोड्स (गांठों) में सूजन, पुरानी बीमारियां और बार-बार गर्भपात होने के मामले भी सामने आए हैं। हालांकि, इन समस्याओं का क्रोमियम से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी स्वतंत्र मेडिकल जाँच होना बाकी है।
पवित्र गोदावरी नदी और कुंभ मेले पर मंडराता खतरा
SANDRP की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फैक्ट्रियों का यह ज़हरीला पानी एक स्थानीय नाले के ज़रिए बहकर गोदावरी नदी में मिल रहा है। नेटवर्क का कहना है कि अगर यह दूषित पानी उन जगहों तक पहुंचता है जहां लोग नहाते हैं, तो इससे वहां रहने वाले लोगों और तीर्थयात्रियों को खतरा हो सकता है।
नेटवर्क ने रेगुलेटरी संस्था के रवैये की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 30 सितंबर को एक कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन पानी की जांच के डेटा को सार्वजनिक नहीं किया। इस रिपोर्ट के बाद पानी की तुरंत वैकल्पिक आपूर्ति, हेल्थ कैंप लगाने, जांच के नतीजों को सार्वजनिक करने और अंबाद में औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण की मांग उठी है। SANDRP ने प्रभावित नाले और आगे की ओर बहने वाली गोदावरी नदी के पानी की जांच की भी मांग की है।
सबसे ज़रूरी काम है प्रदूषण के स्तर का पता लगाना, इसके स्रोत की पहचान करना और यह सुनिश्चित करना कि लोगों को सुरक्षित पानी मिले। कुंभ मेला नज़दीक है, इसलिए किसी भी संभावित खतरे का आकलन करने और उसे कम करने के लिए पारदर्शी जांच और समय पर कार्रवाई करना बहुत ज़रूरी होगा।

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