डेस्क: जिंदगी में कभी न कभी हर किसी को घबराहट या चिंता होती है। कोई बड़ा एग्ज़ाम, क्लाइंट के साथ कोई ज़रूरी मीटिंग या ज़िंदगी बदलने वाला कोई निजी फ़ैसला कुछ भी हमारी ज़िंदगी में घबराहट पैदा कर सकता है और हमें चिंता के भंवर में डाल सकता है। लेकिन यह बस कुछ समय के लिए होता है। ऐसी दुनिया में जहां मानसिक बीमारियों के बारे में दबी आवाज़ में बात की जाती है, कई हॉलीवुड और बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ ने आगे आकर लोगों के साथ इस बीमारी से जुड़े अपने मुश्किल अनुभवों को साझा किया है। इस लिस्ट में बॉलीवुड स्टार अनुष्का शर्मा भी शामिल है।
अनुष्का शर्मा ने एक बार कहा था- “मुझे एंग्जायटी (बेचैनी/घबराहट) है और मैं इसका इलाज करवा रही हूं। मैं इसके लिए दवा भी ले रही हूं, मैं यह बात क्यों कह रही हूं? क्योंकि यह पूरी तरह से सामान्य बात है। यह एक बायोलॉजिकल समस्या है, मेरे परिवार में डिप्रेशन के मामले रहे हैं”। उन्होंने कहा- “ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को इस बारे में खुलकर बात करनी चाहिए। इसमें शर्मिंदा होने या कुछ छिपाने जैसी कोई बात नहीं है अगर आपको लगातार पेट दर्द हो, तो क्या आप डॉक्टर के पास नहीं जाएंगे? यह बहुत आसान सी बात है। मैं इसे अपना मिशन बनाना चाहती हूं कि इससे जुड़ी शर्म को दूर करूं और लोगों को इसके बारे में जागरूक करूं।”
एक्ट्रेस ने मजाक-मजाक में यह भी कहा कि उनके नज़रिए में आए बदलाव का असर उनके पति विराट कोहली पर भी पड़ा है। अनुष्का ने लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अपने पब्लिक प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करने का अपना पक्का इरादा भी ज़ाहिर किया था। उनकी बातें मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता लाने की बातचीत के लिए आज भी अहम हैं, खासकर उन समाजों में जहां लोग दूसरों की राय या आलोचना के डर से मदद लेने में हिचकिचाते हैं। एंग्जायटी (बेचैनी) और उसके इलाज के बारे में खुलकर बात करने से इस सोच को चुनौती देने में मदद मिल सकती है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां किसी व्यक्ति की कमज़ोरी की निशानी होती हैं।


