डेस्क: सरकार महत्वपूर्ण खनिजों के भंडारण की नीति की घोषणा करीब एक महीने में कर सकती है। एक सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस कदम का उद्देश्य रक्षा, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और वैमानिकी समेत रणनीतिक क्षेत्रों की वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों का भंडार बनाए रखना है। खान सचिव केशव चंद्र ने कहा, ”हम महत्वपूर्ण खनिजों के भंडारण की नीति को अंतिम रूप देने के करीब हैं। इसकी घोषणा करीब एक महीने में की जाएगी।” उन्होंने उद्योग मंडल ‘एसोचैम’ द्वारा आयोजित ‘इंडिया माइंस एंड मिनरल्स कॉन्क्लेव 2026’ से इतर यह बात कही।
अधिकारी ने बताया कि सरकार बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्रियों के मूल्यवर्धन में तेजी लाने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में चार समर्पित महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण पार्क स्थापित करने पर भी काम कर रही है। सरकार रक्षा, कृषि, ऊर्जा, औषधि, दूरसंचार और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 30 से अधिक महत्वपूर्ण खनिजों की सूची पहले ही जारी कर चुकी है। तांबा, लिथियम, निकल, कोबाल्ट और दुर्लभ तत्व जैसे महत्वपूर्ण खनिज स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए आवश्यक कच्चे माल हैं। इनका इस्तेमाल पवन टर्बाइन, बिजली नेटवर्क, इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी विनिर्माण में भी बढ़ रहा है।


