डेस्क: अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान से जुड़े प्रतिबंधों का एक नया दौर शुरू किया है, जिसमें 27 कंपनियों, छह लोगों और 22 जहाजों को निशाना बनाया गया है। ट्रंप प्रशासन तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है और उसके तेल व्यापार तथा प्रतिबंधों से बचने के कथित नेटवर्क को बाधित करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस नई कार्रवाई का उद्देश्य ईरानी शासन द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले राजस्व को रोकना और ईरान की तेल बिक्री तथा प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वालों को निशाना बनाना है।
बेसेंट ने कहा, ‘ट्रेजरी तेहरान के अत्याचारी शासन को उस पैसे से वंचित कर रही है जिसका इस्तेमाल वह क्षेत्र में युद्ध छेड़ने के लिए करता है और हम उन लोगों को बेनकाब करना जारी रखेंगे जो शासन की तेल बिक्री में मदद करते हैं। ईरान के प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाला कोई भी व्यक्ति ट्रेजरी के अधिकारों की पूरी ताकत से सुरक्षित नहीं है।’ ट्रेजरी ने कहा कि ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की गई यह कार्रवाई ईरान के बचे हुए ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त बेड़े) को निशाना बनाती है, जो विदेशी बाजारों में पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टैंकरों का एक पुराना नेटवर्क है। इन प्रतिबंधों में तुर्की, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और मार्शल आइलैंड्स सहित कई देशों के शिपिंग ऑपरेटर, समुद्री प्रबंधन कंपनियां और व्यापारिक फर्म शामिल हैं।
ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने कहा कि इन प्रतिबंधों में तुर्की, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और मार्शल आइलैंड्स सहित कई देशों के शिपिंग ऑपरेटर, समुद्री प्रबंधन कंपनियां और व्यापारिक फर्म शामिल हैं। अल जजीरा ने OFAC के बयान का हवाला देते हुए बताया, ‘प्रतिबंधित जहाजों में विभिन्न राष्ट्रीय झंडों के तहत काम करने वाले कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों, तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG), रसायन और बिटुमेन टैंकर शामिल हैं।’
ट्रेजरी ने कहा कि नई कार्रवाई ईरान के बचे हुए ‘शैडो फ्लीट’ नेटवर्क के बड़े हिस्से को प्रभावी ढंग से बेअसर कर देती है, जिस पर तेहरान अरबों डॉलर मूल्य के पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों को ले जाने के लिए निर्भर है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, ‘आज की कार्रवाई ईरान के बचे-खुचे गैर-कानूनी समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार है क्योंकि इसने ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त जहाजों के बेड़े) के बड़े हिस्से को बेअसर कर दिया है।’
ट्रेजरी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिन जहाजों को चिह्नित किया गया है, उन्होंने दक्षिण और पूर्वी एशिया के बाजारों में लाखों बैरल ईरानी कच्चा तेल, पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पाद पहुंचाए हैं। ये जहाज अलग-अलग देशों के झंडे के तहत रजिस्टर्ड हैं और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा संचालित किए जाते हैं। विभाग का कहना है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल ईरान के शिपिंग नेटवर्क के पैमाने को छिपाने और प्रतिबंधों से बचने के लिए किया जाता है।
विभाग ने कहा कि ये प्रतिबंध ‘एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13902’ के तहत लगाए गए हैं, जो ईरान के पेट्रोलियम सेक्टर और उसकी अर्थव्यवस्था के अन्य प्रमुख सेक्टरों को निशाना बनाता है। स्टेट डिपार्टमेंट ने ईरानी मूल के पेट्रोलियम या पेट्रोकेमिकल उत्पादों के व्यापार में शामिल 10 संस्थाओं, छह व्यक्तियों और पांच जहाजों पर भी प्रतिबंधों की घोषणा की। स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, ‘अमेरिका ईरान की आर्थिक जीवन-रेखाओं को काटने के लिए हर कूटनीतिक और आर्थिक उपाय का इस्तेमाल कर रहा है।’
पिगॉट ने कहा कि ट्रेजरी डिपार्टमेंट इसी आर्थिक दबाव अभियान के तहत ईरान के तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़ी 17 संस्थाओं और जहाजों पर अलग से प्रतिबंध लगा रहा है। ये ताजा उपाय ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ का हिस्सा हैं, जिसकी घोषणा बेसेंट ने 24 अगस्त 2026 को ईरान के वित्तीय नेटवर्क, तेल की बिक्री और प्रतिबंधों से बचने के तरीकों को निशाना बनाने के प्रयास के तौर पर की थी। ट्रेजरी ने कहा कि इस अभियान का मकसद गैर-कानूनी कमाई के स्रोतों और फंड की आवाजाही में मदद करने वाले नेटवर्क को निशाना बनाकर ईरानी शासन को अलग-थलग करना था।
विभाग ने कहा कि इस ऑपरेशन ने ईरान के साथ व्यापार जारी रखने वाली संस्थाओं के लिए प्रतिबंधों का जोखिम बढ़ा दिया है और चेतावनी दी कि मनी लॉन्ड्रिंग या प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वालों को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से अलग किया जा सकता है। हाल की कार्रवाई में जिन जहाजों की पहचान की गई है, उनमें कोमोरोस के झंडे वाला टैंकर ‘पारितोष’ (PARITOSH) शामिल है। ट्रेजरी के अनुसार इसने 2026 में 1,00,000 बैरल से ज्यादा ईरानी बिटुमेन या डामर (asphalt) का ट्रांसपोर्ट किया था। इसके अलावा पनामा के झंडे वाले जहाज ‘बिटु’ (BITU) की भी पहचान की गई है, जिसने इस साल 1,70,000 बैरल से ज्यादा ईरानी बिटुमेन या डामर का ट्रांसपोर्ट किया।
ट्रेजरी ने ‘स्टारवे’ (STARWAY) की भी पहचान की, जो पनामा के झंडे वाला जहाज है। इसके बारे में कहा गया कि इसने 2025 से 30 लाख (3 मिलियन) बैरल से ज्यादा ईरानी नेफ्था का ट्रांसपोर्ट किया है। साथ ही बहामास के झंडे वाले लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस टैंकर ‘गैस लकी’ (GAS LUCKY) की भी पहचान की गई जिसने 2025 से 5,00,000 बैरल से ज्यादा ईरानी एथिलीन का ट्रांसपोर्ट किया था। ट्रेजरी ने यह भी कहा कि वह ‘हकुना मटाटा’ (HAKUNA MATATA) और ‘पिनोचियो’ (PINOCCHIO) नाम के दो जहाजों को प्रतिबंधों की सूची से हटा रही है। यह पता चला कि वे ईरान के शैडो फ्लीट से निकल गए थे और उन्हें बिना सैंक्शन वाले या US-अलाइंड ऑपरेटर्स को बेच दिया गया था।
सैंक्शन के तहत यूनाइटेड स्टेट्स में मौजूद या US लोगों के पास मौजूद डेजिग्नेटेड लोगों की प्रॉपर्टी और प्रॉपर्टी में इंटरेस्ट को ब्लॉक किया जाना चाहिए और OFAC को रिपोर्ट किया जाना चाहिए। रिलीज में कहा गया है कि ये पाबंदियां उन एंटिटीज पर भी लागू होती हैं, जिनका मालिकाना हक सीधे या इनडायरेक्टली एक या ज्यादा ब्लॉक किए गए लोगों के पास 50 परसेंट या उससे ज़्यादा है। ट्रेजरी ने चेतावनी दी कि नियम तोड़ने पर US और विदेशी लोगों पर सिविल या क्रिमिनल पेनल्टी लग सकती है। इसने यह भी कहा कि डेजिग्नेटेड लोगों से जुड़े कुछ ट्रांजैक्शन में हिस्सा लेने वाले विदेशी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन सेकेंडरी सैंक्शन के दायरे में आ सकते हैं।
डिपार्टमेंट ने कहा कि सैंक्शन का मकसद सिर्फ सजा देना नहीं था, बल्कि व्यवहार में पॉजिटिव बदलाव लाना था, साथ ही चेतावनी दी कि वह पाबंदियों से बचने की कोशिशों पर नजर रखना और उन्हें रोकना जारी रखेगा।


