डेस्क: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से सटे पन्ना टाइगर रिजर्व के चंद्रनगर रेंज के घने जंगल में तंत्र-मंत्र और गड़ा धन खोजने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मनियागढ़ की पहाड़ी पर इतिहासकालीन खंडहरों में मेटल डिटेक्टर और खुदाई के आधुनिक उपकरणों के साथ पहुंचे 12 संदिग्धों को टाइगर रिजर्व की टीम ने चारों तरफ से घेर लिया। मौके से 4 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
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<span;>अल्हा-ऊदल काल के खंडहरों में चल रही थी खजाने की तलाश
जानकारी के अनुसार, मामला चंद्रनगर रेंज अंतर्गत मनियागढ़ पहाड़ी के पास स्थित महादेव घाट का है। मनियागढ़ की पहाड़ी का इतिहास बेहद प्राचीन माना जाता है। यहाँ बुंदेलखंड के शूरवीर आल्हा-ऊदल के जमाने के किले के अवशेष और प्राचीन खंडहर आज भी मौजूद हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं पौराणिक व ऐतिहासिक खंडहरों में किसी बड़े गुप्त धन के छिपे होने की अफवाह या भ्रामक जानकारी के आधार पर आरोपी वहां पहुंचे थे।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन को गुप्त सूचना मिली थी कि करीब 12 संदिग्ध लोग अवैध रूप से रिजर्व क्षेत्र में दाखिल होकर उपकरणों के साथ घूम रहे हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए फॉरेस्ट और टाइगर रिजर्व की टीम ने मनियागढ़ पहाड़ी के आसपास घेराबंदी की। टीम को देखकर मौके पर भगदड़ मच गई। वनकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 4 आरोपियों को दबोच लिया।
पकड़े गए आरोपियों के पास से एक हाई-टेक मेटल डिटेक्टर मशीन, फावड़े, कुदाल और खुदाई से जुड़े कई अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। टाइगर रिजर्व की टीम अब पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है कि वे किस गिरोह के कहने पर वहां पहुंचे थे और उनका मुख्य सरगना कौन है।


