अंतरराष्ट्रीय

‘अपनी सुरक्षा के लिए हमें भारत की जरूरत’, मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति ने बांग्लादेश को दी मतभेद सुलझाने की नसीहत

डेस्क: मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद  (Mohamed Nasheed) ने हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका को अहम बताते हुए कहा है कि छोटे द्वीपीय देशों की सुरक्षा के लिए भारत जरूरी है। बांग्लादेश में आयोजित ‘बे ऑफ बंगाल कन्वर्सेशन’ (Bay of Bengal Conversation) में शामिल होने पहुंचे नशीद ने भारत के साथ सहयोग को क्षेत्रीय शांति और लोगों की खुशहाली से जोड़ते हुए कहा कि मालदीव जैसे छोटे देश अपनी सुरक्षा पर बहुत अधिक खर्च नहीं कर सकते।
तीन दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर गवर्नेंस स्टडीज’ (CGS) ने किया है। नशीद ने ‘द न्यू स्ट्रैटेजिक मिडिल’ सत्र में हिस्सा लिया और जलवायु परिवर्तन सहित क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार रखे।
‘अपनी सुरक्षा के लिए हमें भारत की जरूरत’
हिंद महासागर में भारत की सुरक्षा मौजूदगी के फायदे और असर को लेकर पूछे गए सवाल पर नशीद ने कहा, “देखिए, हम सबकी अपनी-अपनी भूमिकाएं हैं, लेकिन भूमिकाएं अलग-अलग हैं। अपनी सुरक्षा के लिए हमें भारत की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि मालदीव बहुत छोटा देश है और वह अपनी सैन्य क्षमता पर बहुत अधिक खर्च नहीं कर सकता। नशीद के मुताबिक, ऐसे में क्षेत्रीय देशों के लिए मिलकर काम करना और दक्षिण एशिया तथा हिंद महासागर में शांति बनाए रखने की कोशिश करना ज्यादा बेहतर है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा पाया है कि वह भारतीय अधिकारियों से अपनी बात कह सकते हैं और उनकी बात सुनी जाती है। नशीद ने भारत की भूमिका को छोटे देशों की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता सभी के हित में है।

‘भारत तेजी से तरक्की कर रहा, हमें उसका हिस्सा बनना होगा’
नशीद ने कहा, “भारत बहुत तेजी से तरक्की कर रहा है और हमें उस तरक्की का हिस्सा बनना होगा। यह सब हमारे अपने लोगों की खुशहाली के लिए है।”
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के ‘इंडिया आउट’ अभियान के साथ सत्ता में आने और बाद में भारत के साथ दोबारा सहयोग बढ़ाने को लेकर सवाल पर नशीद ने कहा कि सरकार में आने से पहले नेता बहुत कुछ कह सकते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद वास्तविक परिस्थितियों के मुताबिक नीतियों में तालमेल करना पड़ता है।
उन्होंने कहा, “इसलिए, मुझे नहीं लगता कि भारत के बिना हमारा काम चल सकता है। हमें यह बात समझनी और माननी होगी।”
बांग्लादेशियों की मेहनत को बताया मालदीव की तरक्की का हिस्सा
बांग्लादेश को लेकर नशीद ने सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें बांग्लादेश बहुत पसंद है और यहां उन्हें घर जैसा महसूस होता है। उन्होंने मालदीव में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के योगदान की भी सराहना की।
नशीद ने कहा कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी लोगों ने मालदीव के निर्माण और विकास में योगदान दिया है। उनके मुताबिक, बांग्लादेशी लोगों की मेहनत ने मालदीव को मध्यम आय वाला देश बनाने में मदद की है। उन्होंने इसके लिए बांग्लादेश के लोगों का आभार जताया।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बोले- ‘मतभेद सुलझा लें’
भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा संबंधों पर टिप्पणी करते हुए नशीद ने दोनों देशों से अपने मतभेद सुलझाने की अपील की। उन्होंने एएनआई से कहा, “मैं तो बहुत कुछ कह सकता हूं, लेकिन असल बात यही है कि कृपया अपने मतभेद सुलझा लें।”
नशीद की यह टिप्पणी बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के हालिया बयान के बाद आई है। त्रिवेदी ने ‘बे ऑफ बंगाल कन्वर्सेशन’ में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के अगस्त 2024 में भारत पहुंचने की परिस्थितियों पर बात की थी।
हसीना के भारत आने पर बोले दिनेश त्रिवेदी
शेख हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़े सवालों पर दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि हसीना को भारतीय वायुसेना या भारतीय सेना भारत नहीं लाई थी। उनके मुताबिक, हसीना का भारत आना अचानक हुई परिस्थितियों का परिणाम था और उस समय वह बांग्लादेश की प्रधानमंत्री थीं।
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि हसीना के प्रत्यर्पण के मामले में कानूनी प्रक्रिया चल रही है और अदालतों के शामिल होने के कारण इसकी कोई समयसीमा नहीं बताई जा सकती।
नशीद का बयान ऐसे समय आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच शेख हसीना के प्रत्यर्पण सहित कई मुद्दों को लेकर मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति की दोनों देशों को आपसी मतभेद सुलझाने की अपील क्षेत्रीय संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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