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बिहार : नीरज-अनंत विवाद पर ललन सिंह की पहल, पार्टी के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देंगे अनंत

डेस्क:बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक क्षेत्र से जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह के बीच चल रहे विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने सोमवार को अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उनसे बातचीत की है और उन्होंने स्वयं अनंत सिंह से बात कर पूरे मामले को समझने का प्रयास किया है। ललन सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अनंत सिंह की कुछ शिकायतें और मुद्दे हैं। उनके मुताबिक, अनंत सिंह का कहना है कि जब बिहार सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब जदयू के कई नेताओं ने उनसे सरकार का समर्थन करने का आग्रह किया था। उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति सम्मान और बिहार में विकास कार्यों को देखते हुए सरकार का समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद जब अनंत सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले तो मुख्यमंत्री ने उनसे मोकामा से विधानसभा चुनाव लड़ने को कहा था। ललन सिंह ने कहा कि इस बात के संजय झा समेत कई लोग गवाह हैं। हालांकि, चुनाव के दौरान अनंत सिंह के खिलाफ प्रचार और कई तरह के दुष्प्रचार की बातें सामने आईं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि किसी के खिलाफ अभियान चलाया जाता है तो उसकी प्रतिक्रिया भी होती है। उन्होंने कहा कि ताली एक हाथ से नहीं बजती। उनके अनुसार, उस समय पार्टी को पहल करनी चाहिए थी, लेकिन प्रदेश स्तर पर चूक हुई और मामले को समय रहते संभाला नहीं गया।
ललन सिंह ने बताया कि पार्टी की ओर से बुलाई गई बैठक में अनंत सिंह ने अपनी शिकायतें सामने रखी थीं। उन्होंने कहा था कि उनसे पूछा जाए कि क्या उनके खिलाफ चुनाव प्रचार किया गया, बयान दिए गए और विरोधियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ अभियान चलाया गया। ललन सिंह के मुताबिक, उस बैठक में इन आरोपों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि अनंत सिंह ने साफ तौर पर उनसे कहा है कि जिसने उनके लिए वोट नहीं मांगा, उसके लिए वह वोट नहीं मांगेंगे। उनका तर्क है कि जब वह स्वयं जदयू के उम्मीदवार थे और नीतीश कुमार ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था, तब उनकी उम्मीदवारी के विरोध में खड़े लोगों के खिलाफ पार्टी अनुशासन क्यों नहीं लागू हुआ। ललन सिंह ने कहा कि उन्होंने अनंत सिंह से आग्रह किया है कि अब वह इस मामले में कोई सार्वजनिक बयान न दें।
अनंत सिंह ने इस पर सहमति जताई है और कहा है कि वह जदयू के साथ थे, हैं और आगे भी पार्टी के साथ रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में किसने किसे हराने का प्रयास किया, इस पर वह प्रतिक्रिया नहीं देते। हालांकि, उन्होंने माना कि अनंत सिंह ने उनके खिलाफ चले अभियान में शामिल होने की बात कही है।
ललन सिंह ने मीडिया पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि विधायक ने कहा कि अब उनसे कितना भी बोलने का प्रयास किया जाए, वह सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहेंगे, ताकि पार्टी का अहित न हो।

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