अंतरराष्ट्रीय

दुबई के क्राउन प्रिंस ने कैप्टन स्मित मच्छार से की मुलाकात, उनके साहस को किया सलाम

डेस्क: फ्लाईदुबई की फ्लाइट (Flydubai flight) को हाईजैक (Hijack) से बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार (Indian pilot Smit Machhar) से शनिवार को यूएई (UAE) के क्राउन प्रिंस (Crown Prince) ने मुलाकात की है। सऊदी अरब से आबूधाबी शिफ्ट किए गए मच्छार से मुलाकात करते हुए दुबई के क्राउन प्रिंस और डिप्टी पीएम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद (Sheikh Hamdan bin Mohammed bin Rashid) ने उनके साहस को सलाम किया। शेख ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया साइट पर भी पोस्ट की।

यूएई के क्राउन प्रिंस ने स्मित मच्छार की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि स्मित ने साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति अपनी चिंता की सर्वोच्च मिसाल को पेश किया है। उन्होंने जोर देकर की यूएई के नेतृत्व की तरफ से स्मित मच्छार को पूरा सम्मान और तारीफ दी जाती है।

क्राउन प्रिंस ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी उनके देश की कहानी और यूएई के मूल्यों का हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने यूएई को शांति, करुणा और जीवन की रक्षा करने वाला देश करार दिया। इस पोस्ट के साथ में क्राउन प्रिंस ने स्मित के साथ कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। इसमें वह मच्छार को गले लगाते हुए और उनके सिर को चूमते हुए नजर आ रहे हैं।
बता दें, दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट को ओमानी को पायलट द्वारा हाईजैक करने की कोशिश हुई थी। उस पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार के ऊपर हमला किया। इसके बाद प्लेन को हाईजैक करने की कोशिश की। लेकिन मच्छार ने सबसे पहले उसे रोकने की कोशिश की। ग्राउंड कंट्रोल को हाईजैक कोड भेजे और घायल होने के बाद भी कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे बाकी यात्रियों को अंदर आने और हाईजैक करने वाले पायलट को कंट्रोल करने में मदद मिली।
इसके बाद आतंकी को पायलट को सीट से बांध दिया गया। यहां से स्थिति बदल गई। प्लेन को सऊदी अरब ले जाया गया। यहां से सभी यात्रियों को थोड़े इंतजार के बाद उनके गंतव्य तक भेजा गया। कैप्टन अमित मच्छार गंभीर रूप से घायल थे। ऐसे में उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। बाद में मेडीकल इजाजत मिलने के बाद उन्हें आबूधाबी के अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। हाल ही में उन्होंने पीएम मोदी से भी बात की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि कैसे घटना के दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा को याद किया था।

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