डेस्क : कई बच्चों को रात में सोते समय दांत पीसने या किटकिटाने की आदत होती है। आवाज सुनकर पेरेंट्स अक्सर परेशान हो जाते हैं और सबसे पहले यही सोचते हैं कि कहीं बच्चे के पेट में कीड़े तो नहीं हैं। हालांकि, नींद में दांत पीसने की वजह हमेशा पेट के कीड़े होना नहीं होती। इसके पीछे नींद से जुड़ी समस्या, तनाव, चिंता या दिनचर्या में गड़बड़ी जैसे कई कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि बच्चा नींद में दांत पीसे तो पेरेंट्स को क्या करना चाहिए।
<span;>बच्चे को सोने से पहले शांत रखें
अगर बच्चा रात में दांत पीसता है तो सबसे पहले उसकी सोने की दिनचर्या पर ध्यान दें। सोने से पहले उसे बहुत ज्यादा भागदौड़ या उत्तेजना वाली गतिविधियों में शामिल न करें। कोशिश करें कि बच्चा रोज लगभग एक ही समय पर सोए और जागे। सोने से पहले शांत माहौल बनाने से उसे बेहतर नींद लेने में मदद मिल सकती है।
बच्चे की नींद पूरी करवाएं
पर्याप्त नींद बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी है। नींद पूरी न होने या नींद की दिनचर्या बिगड़ने से कुछ बच्चों में दांत पीसने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए बच्चे की उम्र के अनुसार उसकी नींद पूरी करवाने की कोशिश करें।
रात में मोबाइल, टीवी या टैबलेट का इस्तेमाल बच्चे की नींद की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सोने से पहले बच्चे को स्क्रीन से दूर रखना बेहतर है। इसकी जगह किताब पढ़ना, हल्की बातचीत करना या कोई शांत गतिविधि कराई जा सकती है।
बच्चे के तनाव और चिंता को समझें
कभी-कभी तनाव या चिंता भी बच्चों में नींद के दौरान दांत पीसने की वजह बन सकती है। अगर बच्चा किसी बात को लेकर परेशान, डरा हुआ या चिंतित है तो उससे प्यार से बात करें और उसकी परेशानी समझने की कोशिश करें। बच्चे को भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस कराना भी जरूरी है।
अगर बच्चा कभी-कभार दांत पीसता है तो हर बार घबराने की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर यह आदत रोज हो रही है, लंबे समय तक बनी हुई है या सुबह उठने पर बच्चे को जबड़े में दर्द, चेहरे में दर्द, सिरदर्द या दांतों में संवेदनशीलता जैसी समस्या होती है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
ध्यान रखें: बच्चों में रात को दांत पीसने की कई वजहें हो सकती हैं। इसे केवल पेट के कीड़ों से जोड़कर खुद से दवा देना सही नहीं है। लगातार समस्या होने पर विशेषज्ञ से जांच और सही सलाह लेना जरूरी है।


