डेस्क: देश की रक्षा में तैनात हरियाणा के एक और लाल ने अपनी शहादत दी है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 144वीं बटालियन में बतौर इंस्पेक्टर (GD) अपनी सेवाएं दे रहे मनोज कुमार का श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान अचानक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव गोद (गोद गांव) सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
शहीद मनोज कुमार का जन्म 10 अक्तूबर 1976 को गोद गांव के एक प्रतिष्ठित सैनिक परिवार में भगवान सिंह के घर हुआ था। देश सेवा का जज्बा उनके खून में था, यही वजह थी कि वर्ष 2001 में वह ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ कादरपुर (गुरुग्राम) से भर्ती होकर देश सेवा के सफर पर निकले थे।
परिजनों ने बेहद गमगीन माहौल में जानकारी दी कि कुछ समय पहले श्रीनगर में ही ड्यूटी के दौरान मनोज कुमार के बहनोई का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इस दुखद घड़ी में वह 5 दिन की छुट्टी लेकर अपने घर आए थे और सभी रस्में पूरी करने के बाद गत 4 सितंबर को ही वापस श्रीनगर अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। किसे पता था कि उनका यह लौटना आखिरी सफर साबित होगा।
सीआरपीएफ इंस्पेक्टर मनोज कुमार अपने पीछे अपनी पत्नी सुमन और 5 छोटे बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। देश के लिए उनका यह समर्पण और बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके पार्थिव शरीर के पैतृक गांव पहुंचने पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।


