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48 घंटे में 1.20 लाख से 3.50 लाख पहुंची मासूम की कीमत… सोने के गहने और महंगे फोन के लिए मासूम का सौदा- सगी मां समेत 7 गिरफ्तार

डेस्क: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां एक मां-बाप ने महज एक महीने के अपने ही मासूम बच्चे को चंद पैसों की खातिर बेच दिया। इस केस में पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बच्चे को हैदराबाद से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में सगी मां और पिता समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

बता दें कि 48 घंटों के अंदर, बच्चे को छत्रपति संभाजीनगर से नांदेड़ और फिर तेलंगाना ले जाया गया, और इस दौरान उसकी कीमत 1.20 लाख रुपये से बढ़कर 3.50 लाख रुपये हो गई। पुलिस ने इस मामले में बच्चे की सगी मां समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है और हैदराबाद से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है।

मामले की भनक तब लगी जब 24 सितंबर को पुलिस के पास शिकायत पहुंची। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जब पैसों के लेन-देन और दलालों की कड़ी जोड़ी, तो पूरे अंतर-राज्यीय रैकेट की परतें खुलती चली गईं। छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की टीम ने नांदेड़ से लेकर हैदराबाद तक दबिश दी और बच्चे को उमा खटकम के पास से सुरक्षित बचा लिया।

एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, आरोपी सीमा ने बच्चे को संगीता अव्हाड को 2.70 लाख रुपये में बेचा था। इसके बाद संगीता और खुद को डॉक्टर बताने वाले सुरेश गुंटुका ने नांदेड़ में बच्चे का आदान-प्रदान किया। जांच के दौरान पुलिस हैदराबाद में उमा खटकम तक पहुमची, जिसने बच्चे को 3.50 लाख रुपये में खरीदा था।

पुलिस ने बताया कि बच्चे के सगे माता-पिता, वंदना और योगेश कामरे को 1.2 लाख रुपये मिले थे और उन्होंने उस पैसे से लगभग 62,000 रुपये के सोने के गहने और दो ब्रांडेड स्मार्टफोन खरीदे थे। आखिरकार बच्चे का पता हैदराबाद में चला और पुलिस ने उसे सुरक्षित बरामद कर महाराष्ट्र वापस लाया। चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के आदेश के बाद, बच्चे को एक संस्था को सौंप दिया गया।

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