डेस्क: लोहगढ़ किले में हुए मर्डर केस में एक नई बात सामने आई है। केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे ने अपनी मंगेतर सिया गोयल का नाम जन्मदिन के तोहफ़े के तौर पर अपनी गर्दन पर गुदवाया था।
घटना से पहले के दिनों को याद करते हुए विशाल अग्रवाल ने कहा कि परिवार सिया के जन्मदिन और उनकी होने वाली शादी को लेकर बहुत उत्साहित था और उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि कुछ गड़बड़ है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि परिवार ने सगाई की ज़ोरदार तैयारी की थी और सिया की पसंद के तोहफ़े भी खरीदे थे।
सोने के गहनों के 15 सेट खरीदे
विशाल अग्रवाल ने कहा, “जब हम उसकी सगाई की शॉपिंग के लिए गए, तो हमने उसकी पसंद की 28 ड्रेस और सोने के गहनों के 15 सेट खरीदे।” उन्होंने आगे बताया कि केतन ने 19 जून को महाबलेश्वर में सिया के जन्मदिन का खास जश्न मनाने की योजना बनाई थी और तोहफ़े के तौर पर अपनी गर्दन पर उसका नाम भी गुदवाया था। विशाल अग्रवाल के मुताबिक, उस समय न तो केतन और न ही परिवार को सिया के कथित इरादों पर कोई शक था। यह मामला केतन अग्रवाल की मौत से जुड़ा है, जिनकी मौत 18 जून को पुणे के पास लोहगढ़ किले में एक चट्टान से कथित तौर पर धक्का दिए जाने के बाद हुई थी। केतन की सगाई फरवरी में सिया से हुई थी और इस साल के आखिर में उनकी शादी होने वाली थी।
पुलिस का आरोप है कि सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन की हत्या की साज़िश रची और शुरू में उसकी मौत को गलती से गिरने का मामला दिखाने की कोशिश की। दोनों को जून में गिरफ़्तार कर लिया गया था। पुणे ग्रामीण पुलिस की चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि सिया और चौधरी ने एक फ़ेक इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल करके केतन को 18 जून को लोहागढ़ किले पर बुलाया, जहाँ कथित तौर पर उसे एक चट्टान से नीचे धकेल दिया गया। पुलिस का यह भी आरोप है कि उसी जगह पर उसे मारने की कोशिश पहले भी की गई थी।विशाल अग्रवाल ने कहा कि परिवार ने सिया का भविष्य के सदस्य के तौर पर स्वागत किया था और उन्हें शक करने की कोई वजह नहीं थी कि रिश्ता वैसा नहीं है जैसा दिख रहा था।


