डेस्क: सर्दियों के मौसम में राजधानी दिल्ली में बढ़ने वाले गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक सख्त कार्ययोजना तैयार की है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद कई कड़े फैसलों का ऐलान किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा भी शामिल थे।
बाहरी गाड़ियों पर रोक
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को कहा कि दिल्ली से बाहर रजिस्टर्ड ऐसी गाड़ियां जो BS-VI (BS-6) मानकों को पूरा नहीं करती हैं, उन्हें 1 नवंबर से दिल्ली में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। CNG वाहनों को कुछ विशेष छूट दी जाएगी। इस योजना में पार्किंग चार्ज बढ़ाना, कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ के काम पर रोक लगाना और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों की जांच सख्त करना भी शामिल है।
महंगी होगी पार्किंग
1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा ताकि लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और दिल्ली मेट्रो की पार्किंग में यह बढ़ोतरी लागू नहीं होगी।
150 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी
दिल्ली के मौजूदा 5,088 बसों के बेड़े में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जाएगा। सरकार मेट्रो और बस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए इलाकों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट स्टॉप के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने की योजना भी बना रही है।
वर्क फ्रॉम होम और दफ्तरों के समय में बदलाव
इस दौरान ऑफिस के समय में भी बदलाव किया जाएगा। दिल्ली नगर निगम के ऑफिस सुबह 8.30 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के ऑफिस सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे। सरकार ने कहा कि सरकारी और निजी ऑफिस में मौके पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 50 प्रतिशत कम कर दी जाएगी और बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे।
पेट्रोल पंपों पर ‘नो PUC, नो फ्यूल’ और कंस्ट्रक्शन पर बैन
दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर, जहां ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे लगे हैं, “नो PUC, नो फ्यूल” नियम लागू किया जाएगा। अक्टूबर में एक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और उसके बाद नवंबर में ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ सेंटरों को अपग्रेड किया जाएगा। कैमरों की भी जांच की जाएगी और तीन ऑटोमेटेड स्टेशनों पर लगभग 2.5 लाख गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट किया जाएगा।
1 नवंबर से 10 दिसंबर तक धूल उड़ाने वाले तोड़-फोड़ और बाहरी निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सरकार निर्माण और तोड़-फोड़ के सभी कामों (इनडोर गतिविधियों सहित) पर पूरी तरह रोक लगाने की योजना बना रही है। सरकार के मॉनिटरिंग सिस्टम पर रजिस्टर्ड 723 निर्माण स्थलों में से 600 पर वेब कैमरे लगे हैं। सरकार का लक्ष्य अक्टूबर के आखिर तक सभी रजिस्टर्ड स्थलों को कवर करना है और नियमों के उल्लंघन की पहचान के लिए AI-बेस्ड सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। बिल्डिंग प्लान की मंज़ूरी के लिए MCD मलबे ऐप पर रजिस्ट्रेशन भी ज़रूरी होगा।
सड़कों की सफाई
सिरसा ने बताया कि दिल्ली के 62 पहचाने गए प्रदूषण हॉटस्पॉट में से 42 को कंट्रोल में लाया गया है। अधिकारियों ने हर हॉटस्पॉट के लिए 3 किलोमीटर के दायरे को कवर करते हुए प्लान तैयार किए हैं और वे उन इलाकों में प्रदूषण के स्रोतों पर नज़र रखेंगे। सरकार का लक्ष्य 2026 में 3,065 किलोमीटर सड़कों का रीडेवलपमेंट करना है, जिसमें से 20 सितंबर तक 1,193 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका था। योजना है कि 31 अक्टूबर तक बाज़ारों सहित सभी सड़कों की डीप-क्लीनिंग की जाए। मीटिंग में दी गई प्रेजेंटेशन में 18,484 लंबित शिकायतों का ज़िक्र था, जिनमें से 6,914 गड्ढों से जुड़ी थीं, गड्ढों की शिकायतों के समाधान के लिए 72 घंटे की प्रक्रिया लागू है।
कूड़ा जलाने पर पाबंदी
कचरा और लकड़ी जलाने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर विशेष टीमें तैनात की जाएंगी और बेघर लोगों के लिए अस्थायी हीटिंग ज़ोन बनाए जाएंगे। सरकार ने बताया कि उसने 70 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के मुकाबले 71 लाख पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाया है। अब इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि पेड़-पौधे और झाड़ियां जीवित रहती हैं या नहीं, और मार्च 2027 में इसके लिए एक ऑडिट की योजना बनाई गई है।


