डॉ. जाकिर हुसैन टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में ‘इस्लामिक कॉन्सेप्ट ऑफ ह्यूमैनिटी, पीस एंड सोशल हार्मनी’ पर विशेष व्याख्यान
दरभंगा। डॉ. जाकिर हुसैन टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, लहेरियासराय में “Islamic Concept of Humanity, Peace and Social Harmony” विषय पर विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षक-प्रशिक्षुओं के साथ महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में प्रो. एम. ए. हाशमी ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत किया। इसके बाद महाविद्यालय के सचिव डॉ. शारिक हुसैन ने मुख्य वक्ता का परिचय कराया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जनाब मौलाना अबुल हकम मुहम्मद दानयाल, इस्लामिक स्कॉलर, पीस प्रमोटर एवं President, Centre for Peace and Objective Studies, India ने अपने विशेष व्याख्यान में मानवता, शांति, आपसी सम्मान, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण के लिए एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करना तथा मानवीय मूल्यों को अपने व्यवहार में अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले शिक्षक-प्रशिक्षुओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने का कार्य नहीं करते बल्कि वे विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, सहिष्णुता, परस्पर सम्मान और मानवीय संवेदनाओं के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. एम. ए. खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया और सजदा ने मंच संचालन किया। इसके बाद राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. एम. आई. हक, IQAC Co-ordinator द्वारा किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एम. हसन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षक-प्रशिक्षुओं को मानवता, शांति और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों पर चिंतन करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही।


