डेस्क: बिहार के समस्तीपुर जिले में बाईपास सड़क पर एक युवती से तीन युवकों द्वारा कथित रूप से छेड़छाड़ करने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह घटना जमुई छेड़छाड़ कांड को लेकर जारी विवाद के बीच सामने आई है। इस घटना को लेकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने हा कि “जमुई के बाद समस्तीपुर का वीडियो वायरल हो रहा है। यहां भाजपा का राज है। कानून व्यवस्था नाम की रह गई है। बिहार में सैंकड़ों अपराध हो रहे हैं। कल भी पटना शहर में एक जनप्रतिनिधि को गोली मार दी गई है। अपराधी छवि का व्यक्ति स्वयं मुख्यमंत्री बना हुआ है… बिहार में इतने गंभीर मामले आ रहे हैं। आपका प्रशासन और पुलिस क्या काम कर रही है। बिहार पूरे देश में शर्मसार हो रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह कथित घटना समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम थानाक्षेत्र में जगत सिंहपुर गांव के समीप बाईपास सड़क पर बुधवार को हुई थी। इसका वीडियो बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस के अनुसार वीडियो में तीन-चार युवक कथित तौर पर एक युवती को घेरकर उसके साथ अभद्रता करते, उसे सुनसान स्थान की ओर खींचने का प्रयास करते और उससे छेड़छाड़ करते दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करती है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 23 सितंबर की शाम सोशल मीडिया निगरानी के दौरान एक वीडियो प्रसारित होने की सूचना मिली, जिसमें तीन-चार युवक एक लड़की के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे थे। विज्ञप्ति के मुताबिक तकनीकी सत्यापन के बाद घटना स्थल की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध के पास सड़क के रूप में की गई। पुलिस के अनुसार वीडियो में दिख रही पीड़िता प्रथम दृष्टया नाबालिग प्रतीत होती है। इस घटना के संबंध में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम और आईटी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि सूचना मिलने के छह घंटे के भीतर इस मामले के सिलसिले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया जिनकी पहचान विकास कुमार, राहुल कुमार, सुभाष सहनी और अवधेश पासवान के रूप में हुई है। समस्तीपुर पुलिस ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री साझा करने से बचें, क्योंकि ऐसा करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो किन परिस्थितियों में बनाया गया तथा इसमें कुल कितने लोग शामिल थे।
सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच शुरू कर दी गई है और उनकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।” प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवती एक युवक के साथ यात्रा कर रही थी और दोनों सड़क किनारे तस्वीरें लेने के लिए रुके थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने कथित रूप से उन्हें घेर लिया और युवती के साथ छेड़छाड़ की।


