स्वच्छता में नम्बर-1 बनने के लिए शहर के वार्डों में होगी प्रतिस्पर्धा।
सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छतम लीग में प्रदेश के 11 नगर निगमों के साथ वार्ड स्तर पर भी होगी प्रतियोगिता- रेणु बाला गुप्ता, महापौर।
वार्ड स्वच्छता रैंकिंग से बढ़ेगी स्वस्थ प्रतिस्पधा, स्वच्छता व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबंधन व नागरिक सहभागिता को मिलेगा बढ़ावा- सलोनी शर्मा, निगमायुक्त।

करनाल 21 सितंबर, सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छतम लीग के अंतर्गत शहर के सभी वार्डों में आयोजित होने वाली वार्ड स्वच्छता रैंकिंग प्रतियोगिता को लेकर सोमवार को नगर निगम कार्यालय के सभागार में नगर निगम हाउस की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर रेणु बाला गुप्ता ने की। बैठक में निगमायुक्त सलोनी शर्मा, पार्षदगण, अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, उप निगम आयुक्त विनोद नेहरा, अधीक्षण अभियंता पुनीत कुमार, स्वच्छता अधिकारी महावीर सोढी सहित अभियंता व सफाई शाखा के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

वार्डों के बीच होगी स्वच्छता की प्रतिस्पर्धा, पार्षद अभी से शुरू करें तैयारियां- महापौर।
महापौर रेणु बाला गुप्ता ने सभी पार्षदों को आगामी प्रतियोगिता की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश के 11 नगर निगमों तथा शहर के सभी वार्डों के बीच स्वच्छता को लेकर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सरकार की ओर से प्रतियोगिता के संबंध में जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं, जिसके बाद प्रतियोगिता शुरू होगी। उन्होंने पार्षदों से आह्वान किया कि वे अभी से अपने-अपने वार्डों में तैयारियां शुरू करें और वार्ड समिति, आरडब्ल्यूए, गैर-सरकारी संगठन, स्वयं सेवकों, कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़ें।

उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना शहर को स्वच्छता में नम्बर-1 बनाना संभव नहीं है। इसलिए प्रत्येक वार्ड में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जिससे लोग अपने वार्ड को स्वच्छता में नम्बर-1 बनाने के लिए स्वयं आगे आएं।
हर वार्ड में जीरो वेस्ट, बेहतर कचरा पृथक्करण और गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट खत्म करने पर जोर।
महापौर ने पार्षदों से कहा कि वार्डों में जीरो वेस्ट की दिशा में कार्य, कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, स्वच्छता से जुड़े बेस्ट प्रैक्टिस प्वाइंट विकसित करने तथा गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स को पूरी तरह समाप्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में वार्ड समिति के साथ-साथ कम से कम 10-10 कार्यकर्ताओं तथा बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाए। वार्ड में नियमित स्वच्छता अभियान चलाए जाएं तथा युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए। उन्होंने पार्षदों से प्रतियोगिता के दौरान स्वच्छता व्यवस्था में और अधिक सुधार लाने के लिए सुझाव भी मांगे।
मेरा वार्ड-स्वच्छ वार्ड’ की भावना से आगे आएं नागरिक।

बैठक में महापौर ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे मेरा वार्ड—स्वच्छ वार्ड की भावना के साथ स्वच्छतम लीग में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि जब नगर निगम प्रशासन, पार्षद, सामाजिक संस्थाएं, युवा और आम नागरिक एकजुट होकर काम करेंगे, तभी करनाल को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकेगी।
स्वच्छ वार्ड रैंकिंग से बढ़ेगी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा- निगमायुक्त।

नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने कहा कि स्वच्छ वार्ड रैंकिंग का उद्देश्य शहर के विभिन्न वार्डों में स्वच्छता व्यवस्था, ठोस कचरा प्रबंधन और नागरिक सहभागिता के स्तर का नियमित मूल्यांकन करते हुए प्रतिस्पर्धात्मक सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छतम लीग के तहत जल्द ही वार्डों के बीच प्रतियोगिता करवाई जाएगी। नगर निगम प्रशासन और पार्षदों को एक टीम के रूप में काम करते हुए शहर की स्वच्छता व्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाना है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से प्रत्येक वार्ड में स्वच्छता को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा होगी। इससे न केवल सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि नागरिकों में भी अपने वार्ड को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ेगी।
पहले, दूसरे और तीसरे स्थान वाले वार्ड होंगे सम्मानित।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले वार्डों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा। वहीं, कम रैंक प्राप्त करने वाले वार्डों के लिए सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार की जाएगी और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से वार्ड स्तर पर स्वच्छता के प्रति स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, जवाबदेही और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा।
हर वार्ड के 100 घरों में चार कूड़ेदानों का करवाएं प्रयोग।
निगमायुक्त ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत चार कूड़ेदानों-हरा, नीला, लाल और काला के प्रयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने पार्षदों से कहा कि प्रथम चरण में प्रत्येक वार्ड में कम से कम 100-100 घरों में चारों कूड़ेदानों का प्रयोग सुनिश्चित करवाया जाए। इससे घर के स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण बढ़ेगा और ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक वार्ड में 25-25 घरों में घरेलू खाद तैयार करवाने की पहल शुरू करवाने बारे भी कहा। उन्होंने कहा कि सबंधित परिवारों को घरेलू कचरे से खाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी नगर निगम द्वारा दिया जाएगा।
मार्केट एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए और एनजीओ को भी अभियान से जोड़ें।
उन्होंने कहा कि कचरा पृथक्करण को जन-आंदोलन बनाने के लिए मार्केट एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए और एनजीओ को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। नागरिकों को घर से ही गीले, सूखे तथा अन्य निर्धारित श्रेणियों के कचरे को अलग करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर नागरिक सहभागिता का अभियान बने, इसके लिए प्रत्येक स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
इन बिंदुओं पर होगा वार्डों का मूल्यांकन।
निगमायुक्त ने बताया कि वार्ड स्वच्छता रैंकिंग के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं के आधार पर वार्डों का मूल्यांकन किया जाएगा। इनमें वार्ड की कुल साफ-सफाई व्यवस्था, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, पार्कों की साफ-सफाई एवं बेहतर रख-रखाव, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की सफाई, स्वच्छता अभियान, जीरो वेस्ट कार्यक्रमों का आयोजन, नागरिक सहभागिता एवं जागरूकता तथा जीरो वेस्ट वार्ड पहल जैसे प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
हड़ताल के दौरान 383 कचरा संवेदनशील प्वाइंट खत्म, 8316 मीट्रिक टन कचरे का किया उठान।
बैठक में अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार ने शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान नगर निगम द्वारा विशेष प्रयास करते हुए शहर के 383 कचरा संवेदनशील बिंदुओं को समाप्त किया गया तथा करीब 8316 मीट्रिक टन कचरे का उठान किया गया। उन्होंने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाने के लिए संवेदनशील बिंदुओं की पहचान, कचरे के नियमित उठान और सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग पर लगातार कार्य किया जा रहा है। इस पर सभी पार्षदों ने सफाई शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तालियां बजाते हुए सराहना की।
पहले, दूसरे और तीसरे स्थान वाले वार्ड होंगे सम्मानित।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले वार्डों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा। वहीं, कम रैंक प्राप्त करने वाले वार्डों के लिए सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार की जाएगी और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से वार्ड स्तर पर स्वच्छता के प्रति स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, जवाबदेही और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा।
हर वार्ड के 100 घरों में चार कूड़ेदानों का करवाएं प्रयोग।
निगमायुक्त ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत चार कूड़ेदानों-हरा, नीला, लाल और काला के प्रयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने पार्षदों से कहा कि प्रथम चरण में प्रत्येक वार्ड में कम से कम 100-100 घरों में चारों कूड़ेदानों का प्रयोग सुनिश्चित करवाया जाए। इससे घर के स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण बढ़ेगा और ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक वार्ड में 25-25 घरों में घरेलू खाद तैयार करवाने की पहल शुरू करवाने बारे भी कहा। उन्होंने कहा कि सबंधित परिवारों को घरेलू कचरे से खाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी नगर निगम द्वारा दिया जाएगा।
मार्केट एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए और एनजीओ को भी अभियान से जोड़ें।
उन्होंने कहा कि कचरा पृथक्करण को जन-आंदोलन बनाने के लिए मार्केट एसोसिएशन, आरडब्ल्यूए और एनजीओ को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। नागरिकों को घर से ही गीले, सूखे तथा अन्य निर्धारित श्रेणियों के कचरे को अलग करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर नागरिक सहभागिता का अभियान बने, इसके लिए प्रत्येक स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
इन बिंदुओं पर होगा वार्डों का मूल्यांकन।
निगमायुक्त ने बताया कि वार्ड स्वच्छता रैंकिंग के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं के आधार पर वार्डों का मूल्यांकन किया जाएगा। इनमें वार्ड की कुल साफ-सफाई व्यवस्था, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, पार्कों की साफ-सफाई एवं बेहतर रख-रखाव, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की सफाई, स्वच्छता अभियान, जीरो वेस्ट कार्यक्रमों का आयोजन, नागरिक सहभागिता एवं जागरूकता तथा जीरो वेस्ट वार्ड पहल जैसे प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
हड़ताल के दौरान 383 कचरा संवेदनशील प्वाइंट खत्म, 8316 मीट्रिक टन कचरे का किया उठान।
बैठक में अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार ने शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान नगर निगम द्वारा विशेष प्रयास करते हुए शहर के 383 कचरा संवेदनशील बिंदुओं को समाप्त किया गया तथा करीब 8316 मीट्रिक टन कचरे का उठान किया गया। उन्होंने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाने के लिए संवेदनशील बिंदुओं की पहचान, कचरे के नियमित उठान और सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग पर लगातार कार्य किया जा रहा है। इस पर सभी पार्षदों ने सफाई शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तालियां बजाते हुए सराहना की।


